Israel-Iran War: अमेरिका-इजरायल ने समय से पहले ही ईरान पर क्यों किया हमला? आखिर कैसे लीक हुई खामेनेई की लोकेशन?

अमेरिका-इजरायल ने समय से पहले ही ईरान पर क्यों किया हमला? आखिर कैसे लीक हुई खामेनेई की लोकेशन?
इजरायल और अमेरिका के संयुक्त अभियान की शुरुआत में खामेनेई के परिसर में हमला हुआ है। जिसमें खामेनेई की जान चली गई है। ऐसे में ये जानते हैं कि आखिर कैसे खामेनेई की लोकेशन का पता चला है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में युद्ध का दौर शुरू हो गया है। ईरान में गुंजे धमाकों और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। उसके पश्चिम एशिया को एक बार फिर से युद्ध का दौर शुरू हो गया है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद ये सवाल खड़ा हो गया है और कि ऐसा क्या था कि कार्रवाई सिर्फ और सिर्फ सैन्य दबाव है या ईरान में सत्ता परिवर्तन की भी शुरुआत थी। अमेरिका के अधिकारी का कहना है कि हमले में सबसे पहले खामेनेई को निशाना बनाना बहुत ही आवश्यक था। अमेरिकी अधिकारी का ये भी कहना था कि अगर ईरान के सर्वोच्च नेता को मौका मिला तो वे कहीं छिप भी सकते थे।

खामेनेई पर अचानक सुबह ही क्यों किया गया हमला?

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्टस के अनुसार, अमेरिका के अधिकारि ने बताया है खामेनेई को शनिवार को निशाना बनाने की तैयारी की गई थी। ऐसी उम्मीद की गई थी कि खामेनेई शनिवार शाम को तेहरान में बैठक करेंगे लेकिन इजरायल के खुफिया एजेंसियों ने शनिवार को सुबह एक बैठक का पता लगाया था। इसके बाद ही ये हमला कर दिया गया था। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त अभियान की शुरुआत में ही तेहरान में खामेनेई के हाई सिक्योरिटी वाले परिसर पर हमला किया गया है। जिसकी सैटेलाइट इमेज से पुष्टि भी कर दी गई है। जैसे ही हमला हुआ तो तुरंत ही परिसर तबाह हो गया था। जैसे ही अमेरिका-इजरायल का हमला शुरू हुआ था तो ईरान ने तेल अवीव, कतर, बहरीन, सऊदी, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन और कुवैत के खिलाफ ड्रोन स्ट्राइक शुरु कर दी थी।

खामेनेई की हत्या का बदला लेने की हो रही बात

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने खामेनेई के हत्यारों से बदला लेने की कसम खाई है। आईआरजीसी का ये भी कहना है कि अमेरिका और इजरायल के खिलाफ इतिहास का सबसे भयानक हमला किया जाएगा। इजरायल ने ये कहा है कि खामेनेई को उनके शीर्ष सहयोगियों के साथ खत्म कर दिया है। उनमें राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली शमखानी और आईआरजीसी के कमांडर मोहम्मद पाकपुर भी मौजूद थे। ईरान के सूत्रों के मुताबिक, हमले के शुरू होने से कुछ समय पहले ही शनिवार को खामेनेई ने शमखानी और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी से एक सुरक्षित जगह पर मुलाकात भी की थी। ईरान की सरकारी टेलीविजन ने रविवार को अयातुल्लाह खामेनेई की मौत की खबर की पुष्टि की थी।

Created On :   1 March 2026 6:40 PM IST

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