वैश्विक चिंता: भारतीय निर्यातकों को ईयू से बड़ा झटका,GSP के तहत मिलने वाली महत्वपूर्ण टैक्स छूट को किया सस्पेंड

भारतीय निर्यातकों को ईयू से बड़ा झटका,GSP के तहत मिलने वाली महत्वपूर्ण टैक्स छूट को किया सस्पेंड
पहले से ही नाजुक वैश्विक स्थितियों का सामना कर रहा भारतीय निर्यात, अब GSP हटने से उच्च अनुपालन लागत और कमजोर प्रतिस्पर्धा के चक्रव्यूह में फंस सकता है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते की चर्चा आखिरी चरण में है। लेकिन भारतीय निर्यातकों को इस डील से पहले ही बड़ा झटका लगा है। 1 जनवरी 2026 से ईयू ने भारत के लिए 'जनरलाइज्ड स्कीम ऑफ प्रेफरेंसेज के तहत मिलने वाली महत्वपूर्ण टैक्स छूट को सस्पेंड कर दिया है। ईयू के इस फैसले का सबसे बुरा असर भारत के टेक्सटाइल, प्लास्टिक, रसायन, मशीनरी और जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर पर पड़ेगा।

ईयू के इस फैसले से अब यूरोप जाने वाले 87% भारतीय सामानों पर ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी लगने से वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की कीमत पर बुरा असर पड़ सकता है। ईयू ने ग्रेजुएशन रुल के तरह जीएसपी को निलंबित किया है। इस नियम के अंतर्गत जब किसी देश का एक्सपोर्ट एक तय सीमा से अधिक बढ़ जाता है, तो उसको यह छूट मिलनी बंद हो जाती है। यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा गुड्स ट्रेडिंग पार्टनर है, जिसके साथ 2024-25 में 136.53 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था।

भारत, इंडोनेशिया और केन्या के लिए ईयू ने 1 जनवरी, 2026 से 31 दिसंबर, 2028 तक कुछ विशिष्ट टैरिफ प्राथमिकताओं को निलंबित करने का नियम लागू किया है। आपको बता दें जीएसपी के तहत विकासशील देशों को यूरोप में सामान बेचने पर कम टैक्स देना पड़ता है। ईयू ने भारत के 87 फीसदी प्रोडक्ट से यह लाभ वापस ले लिया गया है। अब केवल 13% प्रोडक्ट ही इस छूट के दायरे में रहेंगे, जिनमें मुख्य रूप से कृषि और चमड़ा क्षेत्र के उत्पाद शामिल है।

Created On :   22 Jan 2026 7:31 PM IST

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