बोर्ड ऑफ पीस चार्टर: स्विटजरलैंड के दावोस में ट्रंप की मौजूदगी में कई देशों ने किए साइन

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में कई देशों ने स्विट्जरलैंड के दावोस में 'बोर्ड ऑफ पीस चार्टर' पर साइन किए।
आपको बता दें बोर्ड ऑफ पीस की शुरुआत ट्रंप की 20-सूत्रीय गाजा युद्धविराम योजना से हुई थी। जिसको संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का समर्थन भी मिला था। मिली जानकारी के अनुसार करीब 35 देशों ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने की सहमति जताई है और 60 देशों को न्योता भेजा गया है। स्थायी सदस्यता के लिए एक अरब डॉलर का योगदान निर्धारित किया गया है। बोर्ड ऑफ पीस के चार्टर में यह भी प्रावधान किया गया है कि पद छोड़ने के बाद भी ट्रंप इसके स्थायी अध्यक्ष बने रहेंगे। आपको बता दें इसमें शामिल होने के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कुछ शर्ते रखी है। ट्रंप ने जल्द ही पुतिन से मुलाकात करने की बात कही। ब्रिटेन ,फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों ने असहमति जताई है। कई देशों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि बोर्ड का दायरा बढ़ने से संयुक्त राष्ट्र चार्टर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था कमजोर हो सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत अन्य सदस्यों के साथ स्विट्जरलैंड के दावोस में 'बोर्ड ऑफ पीस चार्टर' पर हस्ताक्षर किए।
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स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच 2026 के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की औपचारिक शुरुआत कर दी है। यानि विश्व आर्थिक मंच 2026 के मंच से वैश्विक राजनीति में एक नई पहल सामने आई है। इस मंच को ट्रंप वैश्विक शांति की बड़ी पहल बता रहे है। साथ ही ट्रंप आज के दिन को बेहद खास बता रहे है। ट्रंप ने इसी शांति के परिषद से रूस-यूक्रेन जंग को समाप्त करने का दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि युद्ध और टकरावों को खत्म कर अब दुनिया को शांति की जरूरत है और यह मंच उसी उद्देश्य से बनाया है। मकसद से बनाया गया है।
Created On :   22 Jan 2026 6:58 PM IST













