ब्रिटिश अखबार का बड़ा दावा: 'ईरान के सिक्योरिटी एजेंट्स ने करवाई हानियेह की हत्या', इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने किया था हायर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गाजा के आतंकी संगठन हमास के प्रमुख इस्माइल हानियेह की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक हानियेह की हत्या में इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद का हाथ है। उसने इस काम के लिए ईरान के ही एक सिक्योरिटी एजेंट को हायर किया था।
वहीं अमेरिकी अखबार न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हानियेह की मौत के मामले में ईरान ने 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनकी गिरफ्तारियां हुई हैं उनमें कई इंटेलिजेंस अफसर, सैन्य अधिकारी और उस गेस्ट हाउस का स्टाफ शामिल हैं जहां हानियेह पर हमला हुआ था। अखबार ने बताया कि यह गिरफ्तारियां हानियेह की सुरक्षा में चूक के मद्देनजर की गई हैं।
बता दें कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचा हानियेह जिस गेस्ट हाउस में ठहरा था, उसकी सिक्योरिटी ईरान की सेना IRGC (Islamic Revolutionary Guard Corps) के पास रहती है।
टेलीग्राफ की रिपोर्ट में बताया गया कि ईरानी अफसरों की सहायता से गेस्ट हाउस के तीन कमरों में बम रखे गए थे। मोसाद का इरादा ईरानी राष्ट्रपति की अंतिम विदाई के दौरान ही हानियेह की हत्या करना था। लेकिन लोगों की संख्या ज्यादा होने की वजह से अंतिम समय में प्लान बदलना पड़ा।
इसके बाद एजेंट्स ने गेस्ट हाउस के 3 कमरों में बम प्लांट कर दिए और देश छोड़कर भाग गए। उनका एक साथी ईरान में ही रुका रहा। मामले की जांच कर रहे ईरानी अधिकारियों को गेस्ट हाउस में बम लगाने का CCTV फुटेज भी मिला है।
टेलीग्राफ के मुताबिक, ईरानी एजेंट्स के सूत्र ने ही 31 जुलाई को हानियेह के अपने कमरे में होने की सूचना दी थी। इसके बाद एजेंट्स ने बम डेटोनेट कर दिया। ईरानी सेना के ऑफिसर ने टेलीग्राफ से बातचीत में कहा कि सेना की अनसार अल-महदी यूनिट के एक एजेंट्स को मोसाद ने इस काम के लिए हायर किया था। अधिकारी ने बताया कि छानबीन के बाद उन्हें बाकी 2 कमरों में लगे बम मिल गए।
Created On :  

