Free And Open Indo-Pacific: जापान की प्रधानमंत्री सानाए तकाइची के भारत को दिए मैसेज पर भड़का चीन, कहा- 'ये बंटवारे को बढ़ावा देना है'

जापान की प्रधानमंत्री सानाए तकाइची के भारत को दिए मैसेज पर भड़का चीन, कहा- ये बंटवारे को बढ़ावा देना है
भारत दौरे में जापानी प्रधानमंत्री के इंडो-पैसिफिक बयान पर चीन ने आपत्ति जताई। दोनों देशों ने क्षेत्र की सुरक्षा, शांति, सहयोग और समुद्री हालात को लेकर अपने-अपने अलग विचार रखे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत दौरे पर आईं जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सभी देशों के लिए खुले, सुरक्षित और नियमों पर चलने वाले माहौल की बात की है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को पूरे क्षेत्र पर दबदबा बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद ही चीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। चीन का कहना है कि ऐसी बातें देशों के बीच दूरी बढ़ा सकती हैं। इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के अलग-अलग विचार एक बार फिर सामने आए हैं। इसी वजह से यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।

चीन ने क्या कहा?

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि इंडो-पैसिफिक की यह सोच ऊपर से अच्छी लगती है, लेकिन इससे देशों के बीच टकराव बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को लड़ाई नहीं, बल्कि शांति और आपसी सहयोग की जरूरत है। उनके अनुसार सभी देशों को मिलकर भरोसा बढ़ाना चाहिए।

जापान की प्रधानमंत्री ने क्या कहा?

भारत में बातचीत के दौरान सानाए ताकाइची ने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नियमों का पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी देशों को बराबरी का मौका मिलना चाहिए और किसी एक देश का दबाव बिल्कुल नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि इससे पूरे क्षेत्र में शांति और विकास बना रहेगा।

समुद्री इलाकों को लेकर भी जताई चिंता

जापान की प्रधानमंत्री ने पूर्वी और दक्षिण चीन सागर की स्थिति पर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि समुद्र और आसमान में आवाजाही सुरक्षित रहनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कोई भी देश ताकत के दम पर मौजूदा स्थिति बदलने की कोशिश ना करे।

Created On :   3 July 2026 3:02 PM IST

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