Pakistan on Makkah Pact: मक्का के पास ड्रोन अटैक की कोशिश के बाद आया पाकिस्तान का बयान, ख्वाजा आसिफ ने कहा - समझौते के तहत निभाएंगे जिम्मेदारी

मक्का के पास ड्रोन अटैक की कोशिश के बाद आया पाकिस्तान का बयान, ख्वाजा आसिफ ने कहा - समझौते के तहत निभाएंगे जिम्मेदारी
मिडिल ईस्ट में सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ हुए मक्का समझौते को लेकर अपना रुख साफ किया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ हुए मक्का समझौते को लेकर अपना रुख साफ किया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने 17 सितंबर को कहा कि अगर समझौते की शर्तें लागू होती हैं तो पाकिस्तान अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार है।

ख्वाजा आसिफ का यह बयान मक्का के पास ड्रोन हमले की कोशिश की खबर सामने आने के बाद आया। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, देश की एयर डिफेंस ने मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को मार गिराया। इसके बाद मक्का और पश्चिमी सऊदी अरब के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। सऊदी अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही नष्ट कर दिया गया। हालांकि, हूती विद्रोहियों ने मक्का या किसी अन्य इस्लामी धार्मिक स्थल को निशाना बनाने की बात से इनकार किया है।

धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को बताया कर्तव्य

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर मक्का पर हमला होता है तो पवित्र स्थल की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान को किसी विशेष रक्षा समझौते की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा करना पाकिस्तान का कर्तव्य है और देश इसके लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।

जियो न्यूज के मुताबिक, ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का समझौते में पारस्परिक रक्षा का प्रावधान है। यदि तीनों में से किसी देश की क्षेत्रीय अखंडता या सीमाओं का उल्लंघन होता है तो समझौते के तहत कार्रवाई का प्रावधान मौजूद है। उन्होंने कहा कि इस समझौते को लागू करने को लेकर कोई भ्रम नहीं है। हालांकि, पाकिस्तान अपनी सैन्य रणनीति और संभावित कार्रवाई के बारे में सार्वजनिक तौर पर जानकारी साझा नहीं करेगा।

ईरान को लेकर भी पाकिस्तान ने साधा संपर्क

ख्वाजा आसिफ ने बताया कि सऊदी अरब पर हूती हमलों को लेकर पाकिस्तान ने ईरान तक रियाद का संदेश भी पहुंचाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान इस मामले में क्षेत्र में किसी नए मोर्चे को खोलने की कोशिश नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि तेहरान पहले से ही क्षेत्र में चल रहे संघर्षों में शामिल है। ऐसे में किसी नए मोर्चे के खुलने से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।

लाल सागर में भी बढ़ा तनाव

सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव का असर केवल जमीन तक सीमित नहीं है। हूती समूह पर सऊदी क्षेत्र में हमलों के साथ-साथ लाल सागर और आसपास के समुद्री रास्तों में जहाजों के लिए खतरा पैदा करने के आरोप लगते रहे हैं। इससे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से होने वाले व्यापार और परिवहन को लेकर भी चिंता बढ़ी है।

Created On :   18 Sept 2026 12:08 AM IST

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