PM Modi Israel Visit: इजरायली संसद में पीएम मोदी ने मुंबई हमले से लेकर कई मुद्दों पर रखी अपनी बात, भारत-इजरायल के रिश्ते पर क्या कहा?

डिजिटल डेस्क, यरुशलम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल के दौरे पर पहुंच गए है, जहां पर उन्होंने इजरायली सांसद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आतंकवादी मुद्दे समेत दोनों देशों के रिश्तों पर अपनी बात रखी है। पीएम मोदी ने अपने संबोधिन के शुरुआत में कहा कि मुझे इस संसद में खड़ा होने का सौभाग्य मिला है, जिसे उन्होंने सम्मान की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के गहरे रिश्तों को लेकर बताया कि भारत मजबूती के साथ इजरायल के साथ हर हाल में खड़ा है। इस दौरान उन्होंने हमास में हुए आतंकी हमले का जिक्र किया और इसमें मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।
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पीएम मोदी का कहना है, "इस सम्मानित सदन में खड़ा होना उनके लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है। वह भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर और एक पुरानी सभ्यता के प्रतिनिधि के तौर पर दूसरी सभ्यता को संबोधित करते हुए ऐसा कर रहे हैं। वह अपने साथ 140 करोड़ भारतीयों का अभिवादन और दोस्ती, सम्मान और साझेदारी का संदेश लाए हैं।"
मुंबई हमले पर क्या बोले?
प्रधानमंत्री ने इजरायली संसद में मुंबई के 9/11 हमले का जिक्र किया और कहा, "भारत पूरी दृढ़ता और विश्वास के साथ इजराइल के साथ खड़ा है।" उन्होंने कहा, "इजरायल में हमास के द्वारा आतंकी हमले में मारे गए इजरायली नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। आम नागरिकों को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता है। मुंबई के 9/11 हमले में आम लोगों को मारा गया था, जिसमें इजरायली नागरिक भी थे।"
इजरायल की मान्यता पर दी प्रतिक्रिया
पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन का जिक्र करते हुए कहा, "मेरा जन्म (17 सितंबर, 1950) उसी दिन हुआ था, जब भारत ने इजराइल को आधिकारिक मान्यता दी थी। मैं भारत के लोगों की तरफ से हर उस जान और हर उस परिवार के लिए गहरी संवेदनाएं रखता हूं, जिनकी दुनिया 7 अक्टूबर को हमास के बेरहम आतंकवादी हमले में तबाह हो गई। हम आपका दर्द समझते हैं, हम आपके दुख में शामिल हैं। भारत इस समय और आगे भी पूरे भरोसे के साथ इजराइल के साथ मजबूती से खड़ा है।"
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गाजा पीस का किया समर्थन
प्रधानमंत्री ने गाजा पीस का समर्थन किया और कहा, "गाजा पीस इनिशिएटिव को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मंजूरी दी थी, यह एक रास्ता दिखाता है। भारत ने इस पहल को समर्थन दिया है। हमारा मानना है कि यह इस इलाके के सभी लोगों के लिए सही और टिकाऊ शांति का वादा है, जिसमें फिलिस्तीन मुद्दे को सुलझाना भी शामिल है। हमारी सभी कोशिशें समझदारी, हिम्मत और इंसानियत से चलें। शांति का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन भारत इस इलाके में बातचीत, शांति और स्थिरता के लिए आपके और दुनिया के साथ है।"
आतंकवाद के मुद्दे पर क्या बोले?
पीएम मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर अपने बात रखते हुए बताया, "किसी भी कारण से आम लोगों की हत्या को सही नहीं ठहराया जा सकता है और कोई भी चीज आतंकवाद को जायज नहीं ठहरा सकती। भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है। हमें 26/11 के मुंबई हमले में इजराइली नागरिकों समेत बेगुनाहों की जान जाने की याद है। आपकी तरह, हमारी भी आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति है, जिसमें कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं है।" उनका आगे कहना है,"यहूदी समुदाय भारत में बिना किसी ज़ुल्म या भेदभाव के रहते आए हैं. उन्होंने अपने धर्म को बचाए रखा है और समाज में हिस्सा लिया है।"
Created On :   25 Feb 2026 11:34 PM IST












