दक्षिण कोरिया: सियोल सेंट्रल जिला कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति यून सूक येओल को सुनाई 5 साल जेल की सजा

सियोल सेंट्रल जिला कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति यून सूक येओल को सुनाई 5 साल जेल की सजा
पूर्व राष्ट्रपति पर मार्शल लॉ की कोशिश, पत्नी के भ्रष्टाचार और 2023 में एक मरीन की मौत के सिलसिले में टोटल 8 ट्रायल चल रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दक्षिण कोरिया में सियोल सेंट्रल जिला कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति यून सूक येओल को 5 साल जेल की सजा सुनाई है। ये सजा विशेष वकीलों की ओर से पिछले महीने मांगी सजा की आधी यानी उन्होंने दस साल की मांग की थी,लेकिन कोर्ट ने इतनी सजा की जररूत ना बताते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट’ ने यून सुक योल को शुक्रवार को आए फैसले में ‘ हिरासत में लेने का विरोध करना, मार्शल लॉ की घोषणा और कैबिनेट बैठक को दरकिनार करने के आरोपों में सजा सुनाई।

पूर्व राष्ट्रपति पर मार्शल लॉ की कोशिश, पत्नी के भ्रष्टाचार और 2023 में एक मरीन की मौत के सिलसिले में कुल 8 ट्रायल जारी हैं। इस ट्रायल का लाइव ब्रॉडकास्ट हुआ। इससे पहले 2018 में पूर्व राष्ट्रपति पार्क ग्यून-हे और पूर्व राष्ट्रपति ली म्युंग-बाक के करप्शन के ट्रायल में सजा सुनाने की सुनवाई टीवी प्रसारण लाइव दिखाई गई। उन पर लगे सबसे गंभीर आरोपों में मार्शल लॉ लागू करना रहा, जिसे देश में विद्रोह करने के समान माना है। अगले महीने सुनाए जाने वाले फैसले में वकील ने मौत की सजा की मांग की है।

वकीलों ने यून सूक येओल पर राष्ट्रपति पद पर रहते हुए आपराधिक कार्यो को छिपाने और सही ठहराने के उद्देश्य से सरकारी संस्थानों का निजीकरण करने का गंभीर अपराध किया। इसकी जानकारी योनहाप समाचार एजेंसी से मिली। पूर्व राष्ट्रपति पर कई आरोप लगे थे। अन्य कोर्ट में आजीवन कारावास या 30 साल या उससे अधिक कैद की सजा सुना सकती है। दक्षिण कोरिया में 1997 से मृत्युदंड पर व्यावहारिक रूप से रोक लगी हुई है और अदालतें बहुत कम ही मौत की सजा सुनाती हैं।

यून के खिलाफ हिरासत में लेने के वारंट पर रोक लगाने, 9 कैबिनेट मेबर्स के अधिकारों का उल्लंघन ,मार्शल लॉ का ऑर्डर, हटाए जाने के बाद एक बदले हुए ऐलान का ड्राफ्ट बनाने और बाद में उसे नष्ट करने का आरोप शामिल है। पूर्व राष्ट्रपति पर मीडिया में झूठे बयानों की घोषणाओं के साथ साथ मिलिट्री कमांडरों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सिक्योर फोन से रिकॉर्ड डिलीट करने का आदेश देने का आरोप लगे थे। जज ने कहा पूर्व राष्ट्रपति दो आरोपों को छोड़कर सभी आरोपों में दोषी है।

Created On :   16 Jan 2026 5:29 PM IST

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