US European Tension: ट्रंप को यूरोपीय संघ पर टैरिफ लगाना पड़ा भारी, जबाव में रद्द कर दिया व्यापार समझौता

डिजिटल डेस्क, ब्रुसेल्स। यूरोपीय संघ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ हथियार का जबदस्त जवाब दिया है। उसने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लंबे समय से चले आ रहे ट्रांसअटलांटिक व्यापार समझौते रोक दिया है। यह फैसला यूरोपीय संघ ने ऐसे समय पर लिया है, जब ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह यूरोप के आठ देशों पर 1 फरवरी से 10 फीसदी टैरिफ लगाने वाला है। उन्होंने आगे यह भी बताया कि अगर इसके बाद भी ग्रीनलैंड पर उसको कब्जा नहीं मिलता तो इसके बाद 1 जून, 2026 से यह टैरिफ बढ़कर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा।
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इस समझौते को मिलने वाली थी मंजूरी
यूरोपीय संसद के सदस्य सिगफ्रीड मुरेशान ने ट्रांसअटलांटिक व्यापार समझौते की रोक की पुष्टि करते हुए बताया कि अमेरिका के नए टैरिफ टेंशन की उस व्यापार समझौते को मौलिक रूप से बदलने का फैसला लिया गया है, जिसमें इस समझौते को मंजूरी मिलने वाली थी। उन्होंने आगे बताया कि इस समझौते के तहत पिछले जुलाई में बढ़ाने के लिए तैयारी कर ली थी, इस समझौते के अंतर्गत यूरोपीय संघ में अमेरिकी के सामनों पर शुल्क खत्म हो जाता।
उन्होंने इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यूरोपीय संघ में अमेरिका व्यापार समझौते को यूरोपीय संसद में बहुत जल्द मंजूरी देने थी।
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ट्रंप ने यूरोपीय संघ पर कितना लगाया टैरिफ
इस व्यापार समझौते पर पिछले साल जुलाई में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने हस्ताक्षर किए थे। जिसके अंतर्गत यूरोपीय संघ से आयात पर अमेरिका ने 15 फीसदी शुल्क लगाया था, जबकि यूरोपीय संघ ने अमेरिकी आयात पर शून्य प्रतिशत शुल्क लगाया था। हालांकि इस नए टैरिफ की वजह से अब दोनों पक्षों में तनाव बनाता दिखाई दे रही है।
यूरोपीयन पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष मैनफ्रेड वेबर ने अपने एक बयान में कहा कि वॉशिंगटन और ब्रुसेल्स के बीच टैरिफ तनाव बढ़ रहा है। जिसकी वजह से इस समझौते को मंजूरी देना राजनीतिक रूप से असंभव हो गया है। दरअसल, ट्रंप ने डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और फिनलैंड पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया था।
Created On :   18 Jan 2026 1:39 PM IST













