Venezuela Earthquake: 2,500 से ज्यादा पहुंचा मृतकों का आंकड़ा, 12,666 लोग घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

2,500 से ज्यादा पहुंचा मृतकों का आंकड़ा, 12,666 लोग घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
वेनेजुएला के भूकंप में 2,645 लोगों की मौत हुई है। हजारों लोग घायल हैं। इसके अलावा राहत और बचाव जारी है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वेनेजुएला में 24 जून को आए तेज भूकंप के बाद हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। राहत और बचाव का काम लगातार चल रहा है। सरकार ने बताया कि अब तक 2,645 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 12,666 लोग घायल हुए हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है और प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाई जा रही है। कई इमारतों को नुकसान हुआ है और कुछ पूरी तरह गिर गई हैं। लोगों के रहने के लिए अस्थायी कैंप भी बनाए गए हैं। भूकंप के बाद कई बार धरती हिलने के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में डर बना हुआ है।

मौत, घायल और बचाव का काम

नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने बताया कि मरने वालों की संख्या 2,645 हो गई है। 12,666 लोग घायल हैं। बचाव टीम ने अब तक 6,462 लोगों को सुरक्षित निकाला है। वहीं 86,117 परिवारों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई गई है। सरकार और राहत एजेंसियां लगातार लोगों की मदद में लगी हैं।

इमारतों को नुकसान, कैंप और आफ्टरशॉक

भूकंप से 885 इमारतों को नुकसान पहुंचा, जबकि 189 इमारतें पूरी तरह गिर गईं। प्रभावित लोगों के रहने के लिए 59 अस्थायी कैंप बनाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार अब तक 890 आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं। राहत कार्य के लिए 3,305 अंतरराष्ट्रीय बचावकर्मी और 29,567 इमरजेंसी कर्मचारी अलग-अलग इलाकों में काम कर रहे हैं।

भूकंप कैसे आता है?

भूकंप तब आता है, जब धरती के अंदर अचानक तेज हलचल होती है। हमारी धरती कई बड़ी और छोटी चट्टानी प्लेटों से बनी है। ये प्लेटें बहुत धीरे-धीरे अपनी जगह बदलती रहती हैं। कभी ये आपस में टकराती हैं, कभी एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं। इससे उनके बीच दबाव बढ़ता रहता है। जब यह दबाव बहुत ज्यादा हो जाता है, तो चट्टानें अचानक टूट जाती हैं। इसके बाद अंदर जमा हुई ऊर्जा बाहर निकलती है। यही ऊर्जा लहरों की तरह फैलती है और जमीन को हिलाने लगती है। इसी को भूकंप कहा जाता है।

मालूम हो कि, जहां से धरती के अंदर यह हलचल शुरू होती है, उसे फोकस कहते हैं। इसके ठीक ऊपर जमीन पर जो जगह होती है, उसे अधिकेंद्र कहते हैं। इस जगह पर भूकंप का असर सबसे ज्यादा महसूस होता है। कई बार ज्वालामुखी फटने, बड़े बांधों में पानी का ज्यादा दबाव बनने या कुछ इंसानी कामों, जैसे परमाणु परीक्षण, की वजह से भी भूकंप आ सकता है।

Created On :   4 July 2026 10:45 AM IST

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