ईद 2026: सऊदी में भारत से पहले क्यों नजर आता है चांद? जानें क्या है इसकी वजह

सऊदी में भारत से पहले क्यों नजर आता है चांद? जानें क्या है इसकी वजह
कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि सऊदी अरब जैसे देशों में ईद भारत से एक दिन पहले क्यों मनाई जाती है। एक साथ क्यों नहीं मनाया जाता है ईद का खास त्योहार।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रमजान का महीना खत्म होते ही Eid-ul-Fitr पूरी दुनिया में खुशियों के साथ मनाई जाती है। यह दिन रोजे पूरे होने के बाद अल्लाह का शुक्र अदा करने और आपसी प्यार बढ़ाने का प्रतीक होता है। लेकिन हर साल लोगों के मन में एक सवाल आता है कि सऊदी अरब में ईद भारत से एक दिन पहले क्यों होती है। ऐसे में चलिए इससे संबंधित सभी सवालों के जवाब के बारे में जानते हैं।

चांद दिखने से तय होती है तारीख

ईद की तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है। नया चांद (हिलाल) नजर आते ही अगले दिन ईद मनाई जाती है। लेकिन चांद हर जगह एक साथ दिखाई नहीं देता, इसलिए अलग-अलग देशों में ईद की तारीख बदल जाती है।

सऊदी अरब में पहले क्यों दिखता है चांद

सऊदी अरब भारत के पश्चिम में स्थित है। विज्ञान के अनुसार, चांद सबसे पहले पश्चिमी देशों में दिखाई देता है। इसलिए वहां चांद जल्दी नजर आ जाता है और ईद की घोषणा पहले हो जाती है।

समय का फर्क भी अहम वजह

भारत और सऊदी अरब के समय में करीब ढाई घंटे का अंतर है। जब सऊदी अरब में चांद देखने का सही समय होता है, तब भारत में काफी देर हो चुकी होती है। इस वजह से उसी दिन चांद देख पाना मुश्किल हो जाता है।

विज्ञान और मौसम का असर

चांद दिखने के लिए उसकी सही स्थिति और साफ आसमान जरूरी होता है। कई बार सऊदी अरब में 29 रोजों के बाद ही चांद दिख जाता है, लेकिन भारत में वह साफ नहीं दिख पाता। ऐसे में भारत में 30 रोजे पूरे होने के बाद ईद मनाई जाती है।

धार्मिक परंपराएं भी जरूरी

दोनों देशों में चांद देखने का फैसला धार्मिक संस्थाएं करती हैं। स्थानीय कमेटियां और गवाहों के आधार पर ईद की तारीख तय होती है। यही वजह है कि अलग-अलग जगहों पर ईद अलग दिन मनाना बिल्कुल सामान्य बात है।

Created On :   19 March 2026 5:03 PM IST

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