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भारत को मोदी पर भरोसा; चीन अब एक बड़ा दुश्मन; देश बदला चाहता है : सर्वे

June 23rd, 2020 21:00 IST
 भारत को मोदी पर भरोसा; चीन अब एक बड़ा दुश्मन; देश बदला चाहता है : सर्वे

हाईलाइट

  • भारत को मोदी पर भरोसा; चीन अब एक बड़ा दुश्मन; देश बदला चाहता है : सर्वे

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। भारत व चीन के बीच चल रहे गतिरोध के बीच अधिकतर भारतीयों को भरोसा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्थिति को संभाल लेंगे, जो अब पाकिस्तान की तुलना में एक बड़ा दुश्मन है। देशवासी 15 जून की रात लद्दाख में भारतीय सैनिकों पर हुए बर्बर हमले का बदला लेने के लिए प्यासे नजर आ रहे हैं। आईएएनएस सीवोटर स्नैप पोल में यह बात सामने आई है।

लद्दाख में हुए घटनाक्रम के कुछ ही दिनों बाद आयोजित किया गया यह सर्वेक्षण देश के लोगों का मूड बता रहा है। तनाव की स्थिति में अधिकतर लोग मोदी पर विश्वास जता रहे हैं, वहीं एक मूलभूत परिवर्तन यह देखने को मिला है कि लोग अब चीन को पाकिस्तान से बड़ा दुश्मन मान रहे हैं।

सर्वे में देखने को मिला कि देशवासी चीन के खिलाफ प्रतिशोध चाहते हैं और उसे माकूल जवाब देते हुए उससे बदला लेना चाहते हैं, लेकिन दूसरी ओर काफी लोगों यह महसूस नहीं होता कि चीन के खिलाफ उपयुक्त कदम उठाए गए हैं। इस तरह की सोच केवल विपक्षी मतदाता ही नहीं रख रहे, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को वोट देने वाले मतदाता चाहते हैं कि चीन को मुंहतोड़ जवाब दिए जाए। इसके अलावा जनता का मूड चीन के साथ व्यापारिक संबंधों को सामान्य बनाने के खिलाफ है।

सी-वोटर इंटरनेशनल के संस्थापक निदेशक यशवंत देशमुख ने कहा, देश प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन कर रहा है, लेकिन एक बुनियादी बदलाव यह है कि अब चीन को एक बड़े दुश्मन के रूप में देखा जा रहा है। जनता चाहती है कि चीन को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए।

सर्वेक्षण में देखा गया कि लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर मोदी पर जबरदस्त भरोसा है। लगभग 89 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर मोदी पर विश्वास जताया है।

स्नैप पोल के अनुसार, चीन अब भारत के लिए स्पष्ट रूप से समस्या नंबर-1 बन चुका है। सर्वे में 68.3 प्रतिशत लोगों का कहना है कि चीन पाकिस्तान की तुलना में भारत के लिए एक बड़ी समस्या है, जबकि केवल 31.7 प्रतिशत पाकिस्तान को एक बड़े खतरे के रूप में देखते हैं।

जनता अभी भी चीन के खिलाफ प्रतिशोध की प्रतीक्षा कर रही है। देश के 60 प्रतिशत से अधिक लोगों को लगता है कि चीन को माकूल जवाब नहीं मिला है और केवल 39.8 प्रतिशत अल्पसंख्यकों को लगता है कि भारत सरकार ने चीन को यथोचित जवाब दिया है।

सरकार पर भरोसा विपक्षी दलों से ज्यादा है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर विपक्षी दलों की तुलना में 73.6 प्रतिशत लोग मौजूदा सरकार पर अधिक भरोसा जता रहे हैं, जबकि केवल 16.7 प्रतिशत विपक्षी दलों पर अधिक विश्वास कर रहे हैं।

सर्वे के दौरान लोगों से एक सवाल पूछा गया कि क्या आम लोग चीन के विरोध के रूप में चीनी उत्पाद यानी मोबाइल फोन, टीवी, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान आदि खरीदना बंद कर देंगे। इसके जवाब में 68.2 प्रतिशत लोगों ने कहा कि हां वे चीनी सामानों का बहिष्कार करेंगे। मगर साथ ही 31.8 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इस तरह का कुछ नहीं होगा और लोग चीनी सामान खरीदना जारी रखेंगे।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की रेटिंग अच्छी नहीं देखने को मिली, जो चीन के साथ व्याप्त गतिरोध के बीच मोदी पर हमला करने में सबसे आगे रहे हैं। सर्वे में 61.3 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में राहुल गांधी पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं करते हैं, जबकि शेष 39 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें राहुल पर भरोसा है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।