दैनिक भास्कर हिंदी: दिल्ली में फैली स्मॉग की चादर, ऐसे रखें अपनी सेहत का ख्याल

August 31st, 2018

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। ठंड का मौसम शुरू हो गया है, इन दिनों ऐसे शहर जहां प्रदूषण की मात्रा ज्यादा होती है वहां पर स्मॉग की समस्या बढ़ जाती है। यह धुंध 'स्मॉग' है, जो स्मोक और फॉग से मिलकर बना है। बता दें कि स्मॉग खतरनाक गैसों और कोहरे से मिलकर बनता है। शरीर पर इसका बुरा असर देखने को मिलता है। गाड़ियों और फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुंआ जब कोहरे के संपर्क में आता है तो यह स्मॉग में बदल जाता है। यही स्मॉग जब सांस के जरिए हमारे शरीर में पहुंचता है तो हमें नुकसान पहुंचाता है। यह वायु प्रदूषण की एक अवस्था है। दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में स्मॉग की वजह से 500 मी की विजिबिलिटी कम हो गई। जिसे देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन दिल्ली में हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा कर दी है। 

 

आईएमए अध्यक्ष केके अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर के सभी स्कूलों को बंद कर दिया जाना चाहिए। IMA की चेतावनी के बाद दिल्ली सरकार भी हरकत में आ गई है। सीएम अविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर कहा कि कुछ दिन स्कूल बंद कर देने चाहिए। दिल्ली-एनसीआर में छाए स्मॉग ने रेल के साथ-साथ हवाई यातायात पर भी असर डाला है। स्मॉग की वजह से जहां 12 ट्रेनें देरी से चल रही हैं। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार सुबह 20 से अधिक फ्लाइट भी उड़ान नहीं भर पाईं। 

 


स्मॉग से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां

प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर घर से बाहर जाने से बचें।
अगर आप बीमार हैं तो घर के बाहर बिल्कुल न निकले। 
धूप निकलने के बाद ही घर से बाहर निकलें।
सर्दी के मौसम में ज्यादा एक्सर्साइज न करें। 
सर्दियों में बाहर निकलना अगर जरूरी है तो अच्छी क्वॉलिटी का मास्क लगाकर निकलें।
मेट्रो या एसी बसों में ही सफर करें। टू व्हीलर या ऑटो में सफर करने से बचें।  
स्मॉग के टाइम पर बाहर जाने से पहले पानी जरूर पिएं। इससे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा सही रहेगी।  
स्मॉग की वजह से खांसी, स्किन संबंधी रोग, फेफड़े में इंफेक्शन, आंखों में जलन की समस्या हो सकती है।