दैनिक भास्कर हिंदी: वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे 2019, जानिए क्यों मनाया जाता है विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस

June 7th, 2019

डिजिटल डेस्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसंबर 2018 में अपनाया गया पहला विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस, 7 जून 2019 को "खाद्य सुरक्षा, सभी का व्यवसाय" थीम के तहत मनाया जा रहा है। वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित और पौष्टिक भोजन का उपयोग जीवन को बनाए रखने और अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। खाद्यान्न संबंधी बीमारियां स्वास्थ्य, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं, पर्यटन और व्यापार को नुकसान पहुंचाकर सामाजिक आर्थिक विकास को बाधित करती हैं। 

अनुमानित रूप से खाद्य जनित बीमारियों के 600 मिलियन मामलों के साथ - दुनिया में 10 में से लगभग 1 व्यक्ति दूषित खाने के कारण बीमार पड़ जाते हैं, दुनिया भर में हर देश, छोटे से लेकर बड़े, अमीर से लेकर गरीब, खाद्य जनित बीमारियों से पीड़ित है, लेकिन आज ऐसा नहीं है। आपूर्ति विभाग खाद्यान समस्याओं को काफी हद तक हल करने में सफल हो गया है। 

खाद्य सुरक्षा संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है और सरकारों, उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच एक साझा जिम्मेदारी है। हमारे द्वारा उपभोग किए जाने वाले भोजन को सुरक्षित रखने के लिए खेत से लेकर खाने की टेबल तक हर किसी की भूमिका होती है। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के माध्यम से, डब्ल्यूएचओ सार्वजनिक एजेंडे में खाद्य सुरक्षा की मुख्यधारा में आने के लिए अपने प्रयासों का अनुसरण करता है और विश्व स्तर पर खाद्य जनित बीमारियों के बोझ को कम करता है।

इतने पर्याप्त साधनों के बाद भी भुखमरी और कुपोषण के मामले में आंकड़े कुछ अच्छे नहीं हैं। आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में लगभग 24000 लोग प्रतिदिन भूख से मर जाते हैं और इस संख्या का एक तिहाई हिस्सा भारत का माना जाता है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक वर्ष सुरक्षित भंडारण के अभाव में गेहूं सड़ने से करीब 450 करोड़ रूपए का नुकसान होता है। 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


 

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