AI Impact Summit 2026: एआई समिट में शामिल होंगे बिल गेट्स या नहीं? आयोजन से बाहर होने के बीच नया अपडेट आया सामने

एआई समिट में शामिल होंगे बिल गेट्स या नहीं? आयोजन से बाहर होने के बीच नया अपडेट आया सामने
बिल गेट्स के प्रवक्ता ने सफाई दी है कि गेट्स तय शेड्यूल के हिसाब से इंडिया एआई समिट में शामिल होंगे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एआई इंपैक्ट समिट 2026 में बिल गेट्स के शामिल होने को लेकर कई चर्चाएं जारी थीं। ऐसा कहा जा रहा था कि एपस्टीन फाइल्स में उनका नाम शामिल होने के चलते उनको समिट से बाहर रखा गया है। इसी बीच खबर आई है कि माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स इंडिया एआई समिट में शामिल होंगे। वो तय शेड्यूल के हिसाब से ही 19 फरवरी को अपना की-नोट एड्रेस देंगे। गेट्स फाउंडेशन की तरफ से एक्स पर पोस्ट करके जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि बिल गेट्स एआई इंपैक्ट समिट में शामिल हो रहे हैं।

गेट्स फाउंडेशन के प्रवक्ता ने बताई सच्चाई

मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गेट्स फाउंडेशन के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट तौर से कहा है कि नई दिल्ली में चल रहे इंडिया एआई इंपैक्ट में बिल गेट्स शामिल होंगे और उनका कीनोट भी देंगे। बता दें, 16 से 20 फरवरी तक दिल्ली के भारत मण्डपम में चल रहे इस इवेंट में दिग्गज टेक्नोलॉडी एग्जिक्यूटिव्स, इंडस्ट्री लीडर्स, पॉलिसीमेकर्स, फाउंडर्स को समिट की आधिकारिक वेबसाइट पर पोस्ट किया गया था। लेकिन मंगलवार को इस वेबसाइट पर बिल गेट्स का नाम नहीं दिख रहा था। इसके बाद ही ये खबर फैली थी कि बिल गेट्स को इस इवेंट में नहीं शामिल किया गया है।

गेट्स फाउंडेशन ने किया पोस्ट

गेट्स फाउंडेशन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी साझा की है और अफवाहों पर विराम लगाया है। गेट्स फाउंडेशन ने लिखा है कि बिल गेट्स एआई इंपैक्ट समिट में शामिल हो रहे हैं। वो शेड्यूल के मुताबिक अपना की-नोट डिलिवर करेंगे। भारत एआई के क्षेत्र में एक ग्लोबल लीडर है जिसके पास पूरी दुनिया में सबसे बड़ा एआई टैलेंट पूल है, जिसके अलग-अलग सेक्टर्स एआई को तेजी से अपना रहे हैं और तेजी से इनोवेट कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकिसत भारत के विजन में एआई एक केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। ग्रोथ और इनोवेशन को बढ़ावा दे रहा है। भारत के बेहतरीन पब्लिक-प्राइवेट मॉडल में सरकार, स्टार्टअप्स, एकेडमिक्स और इंडस्ट्री साथ मिलकर काम कर रहे हैं। भारत का ये मॉडल यह भरोसा दिलाता है कि एआई को इम्पैक्ट, इन्क्लूजन और पूरी दुनिया के लिए बनाया जा सकता है।

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