दूषित पानी से मौत!: हरियाणा के गांव में 12 से ज्यादा लोगों की मौत, डायरिया या हेपिटाइटिस बी की आशंका, शिविर लगा कर चलाया जा रहा बचाव अभियान

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। हरियाणा के एक गांव से डरावनी खबर मिली है। पलवल जिले के छैंसा गांव में पिछले 15 दिनों से लगातार लोगों की मौतें हो रही है। इस 5 हजार की आबादी वाले गांव में अब तक 12 से ज्यादा लोगों के मरने की जानकारी मिली है। जिनमें 5 स्कूली बच्चे भी बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने आशंका जाहिर करते हुए बताया कि दूषित पानी पीने की वजह से लोगों की तबियत खराब होने के बाद मृत्यु हो रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने शिविर लगाकर बड़े पैमाने पर जांच अभियान शुरू कर दिया है।
यह भी पढ़े -पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक, अतिरिक्त रेलवे ट्रैक बिछाने की तीन परियोजनाओं को मंजूरी
मरीजों में शुरुआती लक्षण
गांव में लगातार मौतों के आंकड़ों में इजाफा हो रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में घर-घर पहुंचकर लोगों के ब्लड सैंपल इकट्ठा कर रहे हैं। इसके बाद उन्हें पीलिया, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी की जांच के लिए भेजने का कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव है, उन्हें तत्काल अस्पताल में उपचार के लिए रेफर किया जा रहा है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। बताया जा रहा है कि शुरुआती तौर पर रोगियों में सर्दी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं। इसके बाद मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है।
जिले के स्वास्थ्य अधिकारी ने क्या कहा?
पलवल की CMO डॉ सतिंदर वशिष्ठ का कहना है कि इस मामले की सूचना उन्हें 31 जनवरी को मिली थीं। इसके बाद 1 फरवरी को स्वास्थ्य विभाग की एक टीम को गांव रवाना कर दिया गया। जिन्होंने जांच के लिए सैंपल एकत्रीत किए। उन्होंने आगे कहा, "मृतकों के मेडिकल रिकॉर्ड की जांच के आदेश दिए गए। इसके बाद सभी की मेडिकल रिपोर्ट की जांच की गई, जिसमें उनकी मौत के कारणों का पता चला। विभाग की 4 टीमों का गठन किया गया है। टीम लोगों के ब्लड सैंपल ले रही हैं। अभी तक 300 के करीब ब्लड सैंपल की जांच की गई है, जिसमें 2 लोगों को हेपेटाइटिस बी और सी होने का पता चला है।"
पानी में बैक्टीरिया की बढ़ोतरी
पलवल सीएमओ ने कहा कि घरों से पाने के पानी के सैंपल जुटाए जा रहे हैं। अभी तक लिए गए 107 सैंपल में से 23 फेल हो गए है, इनमें बैक्टीरिया की बढ़ोतरी और क्लोरीन की कमी मिली है।
Created On :   16 Feb 2026 5:46 PM IST












