Sonam Wangchuk Case: सोनम वांगचुक केस में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को लगाई फटकार, अनुवाद बिलकुल सटीक होने चाहिए AI के युग में ऐसी गलती कैसे?

सोनम वांगचुक केस में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को लगाई फटकार, अनुवाद बिलकुल सटीक होने चाहिए AI के युग में ऐसी गलती कैसे?

डिजिटल डेस्क, लेह। लद्दाख के प्रमुख जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (16 फरवरी) को केंद्र सरकार को फटकार लगाई। न्यायालय का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा दिए गए उनके वीडियो की लिखित प्रतिलिपि (ट्रांसक्रिप्ट) में काफी अंतर है। कोर्ट ने उनके वीडियो की सटीक लिखित प्रतिलिपि मांगी है। आदालत ने कहा कि (AI) के दौर में अनुवाद बिलकुल सटीक होने चाहिए। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी. बी वराले की पीठ ने अतिरक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से कहा कि ये गलती चौंकाने वाली है। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिए है कि वह वांगचुक के भाषणों की मूल रिकॉर्डिंग और उसकी सटीक ट्रांसक्रिप्ट पेश करे।

कोर्ट ने क्या कहा?

पीठ ने कहा मिस्टर सॉलिसिटर (वकील) हमें भाषण की मूल प्रतिलिपि चाहिए। जिस पर उन्होंने भरोसा किया है और जो आप कर रहे हैं, वह बिलकुल अलग है। हम फैसला लेंगे। जो कहा है उसकी वास्तविक प्रतिलिपि होनी चाहिए। आपके पास अपने कारण हो सकते हैं। इसके साथ पीठ ने कहा कम से कम उन्होंने जो कहा उसका तो सही अनुवाद होना चाहिए। आपका अनुवाद 7 से 8 मिनट तक चल रहा है जबकि बोला केवल 3 मिनट है। हम AI (Artificial Intelligence) के युग में हैं, आपने भाषण का ट्रांसलेट किया है तो उसमें कम से कम 98 प्रतिशत की सटीकता होनी चाहिए।

गीतांजलि वांगचुक सोनम वांगचुक की पत्नी हैं उनकी तरफ से पेश किए गए अनुवाद पर कपिल सिब्बल ने प्रश्न उठाए। सिब्बल ने कहा, वांगचुक ने अपना अनशन जारी रखा और नेपाल का संदर्भ देकर Gen Z को उकसाना भी जारी रखा यह पंक्ति कहां से आ रही है। यह एक बहुत ही अनोखी नजरबंदी आदेश है- आप ऐसी बात पर भरोसा कर रहे हैं जो मौजूद ही नहीं है। इसके बाद आप कहते हैं कि यह व्यक्तिपरक संतुष्ट (व्यक्तिगत संतुष्ट) पर आधारित है। इस मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को फिर से होगी।

Created On :   17 Feb 2026 12:25 AM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story