Farmer Protest: जम्मू-कश्मीर में किसानों ने किया आंदोलन, प्रदर्शकारियों ने प्रशासन को दिया अल्टीमेटम

जम्मू-कश्मीर में किसानों ने किया आंदोलन, प्रदर्शकारियों ने प्रशासन को दिया अल्टीमेटम
जम्मू-कश्मीर में सोमवार को किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया है। साथ ही अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो इसके लिए उन्होंने भारी प्रदर्शन करने की बात कही है।

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सोमवार को किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया है। साथ ही अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो इसके लिए उन्होंने भारी प्रदर्शन करने की बात कही है। किसान यह प्रदर्शन भारत और पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) से लगे अरनिया सेक्टर के लिए कर रहे हैं। यहां पर सरकार ने तारबंदी कर दी है। इस वजह से उस पार उनकी जमीन के लिए सरकार से मालिकाना हक और उचित मुआवजे की मांग करे रहे हैं। किसानों ने ये प्रदर्शन 'बॉर्डर किसान संघर्ष समिति' के बैनर तले किया है।

इस प्रदर्शन का नेतृत्व त्रेवा गांव की पूर्व सरपंच बलबीर कौर और विजय चौधरी ने किया है। किसानों ने त्रेवा चौक पर धरना देकर रास्ते को पूरा बंद कर दिया था। इस वजह से पूरे इलाके में यातायात प्रभावित हुआ। इस दौरान प्रदर्शकारियों ने राज्य प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। साथ ही किसानों को जानबूझकर परेशान करने के आरोप भी लगाए।

किसानों को जीवन-यापन करने में दिक्कत

इस दौरान बलबीर कौर ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सीमा पर बसे ये किसान 1947 से 1965 में पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सो से विस्थापित होकर यहां बस गए थे और सरकार ने इनके जीवन यापन करने के लिए ये जमीने आवंटित की थी। ये किसान दशकों से यहीं पर खेती करते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक उनको मालिकाना हक नहीं मिल पाया है।

उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन अब इन जमीनों को कभी कस्टोडियन विभाग, कभी वक्फ बोर्ड और कभी सरकारी भूमि बता रहा है। इससे किसान गुमराह हो रहे हैं। किसानों ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उनसे यह जमीन ले ली गई तो ऐसे में वे अपने बच्चों का पेट और जीवन-यापन कैसे करेंगे?

प्रशासन को दिया अल्टीमेटम

विजय चौधरी का कहना है कि सरकार ने अपनी तरफ से इन जमीनो को लेकर स्पष्ट नहीं किया है। इससे किसानों को अनिश्चितता हो रही है। उन्होंने आगे बताया कि तारबंदी के उस पार वाली जमीन पर खेती करना काफी मुश्किल हो गया है। इसके अलावा मुआवजा और जमीन का हक नहीं मिलने की वजह से किसान हताश हो गए हैं। प्रदर्शनकारियो ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि अगर जल्द से मांगी नहीं मानी गई और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो बड़े स्तर का आंदोलन किया जाएगा।

Created On :   17 Feb 2026 12:28 AM IST

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