दैनिक भास्कर हिंदी: Ram Mandir Bhoomi Pujan: भूमिपूजन से 15 घंटे पहले आडवाणी बोले- राम मंदिर आंदोलन में शामिल होना मेरा सौभाग्य

August 5th, 2020

हाईलाइट

  • 1990 में सोमनाथ से अयोध्या तक भाजपा ने निकाली थी रथयात्रा
  • लालकृष्ण आडवाणी ने निभाई थी सारथी की भूमिका
  • अधिक उम्र के कारण भूमिपूजन कार्यक्रम में नहीं आडवाणी को नहीं बुलाया गया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पूरी अयोध्या को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां ​मंदिर की नीव रखेंगे। वहीं 1990 में सोमनाथ से अयोध्या तक भाजपा द्वारा निकाली गई रथयात्रा के सारथी रहे और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी  (lal Krishan Advani) ने भूमिपूजन से महज 15 घंटे पहले अपनी बात रखी। 92 उम्र के आडवाणी करीब तीन मिनट बोले। इस दौरान उन्होंने कहा कि 1990 में राम मंदिर आंदोलन में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है और आज समस्त भारतीय समुदाय के लिए यह ऐतिहासिक क्षण है।
 
बता दें कि पांच अगस्त को होने वाले भूमि पूजन में लाल कृष्ण आडवाणी को न्योता नहीं दिया गया। हालांकि इसके पीछे उनकी उम्र को वजह बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर माननीय प्रधानमंत्री मोदी द्वारा श्रीराम मंदिर का भूमिपूजन हो रहा है, सिर्फ मेरे लिए ही नहीं समस्त भारतीय समुदाय के लिए यह क्षण ऐतिहासिक और भावपूर्ण है। इस शुभ अवसर पर मैं उन सभी संतों, नेताओं और देश-विदेश के जनमानस के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं, जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में मूल्यवान योगदान और बलिदान दिया।

वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि मुझे यह महसूस होता है कि 1990 में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान सौभाग्य से सोमनाथ से अयोध्या तक राम रथ यात्रा के रूप में एक महत्वपूर्ण कर्तव्य निभाया। इस रथ यात्रा ने अनगिनत लोगों को आकांक्षाओं, ऊर्जा और जुनून को मजबूत करने में मदद की।

पढ़ें, आडवाणी के मन की बात, उन्हीं के शब्दों में...

‘‘जीवन के कुछ सपने पूरा होने में बहुत समय लेते हैं। लेकिन, जब वे चरितार्थ होते हैं तो लगता है कि प्रतीक्षा सार्थक हुई। ऐसा ही एक सपना, जो मेरे हृदय के समीप है, अब पूरा हो रहा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्रीराम मंदिर का भूमिपूजन हो रहा है। निश्चय ही, केवल मेरे लिए ही नहीं, बल्कि समस्त भारत समुदाय के लिए यह क्षण ऐतिहासिक है और भावपूर्ण भी।

श्रीराम जन्मभूमि पर श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भारतीय जनता पार्टी का एक स्वप्न रहा है और मिशन भी। मैं विनम्रता का अनुभव करता हूं कि नियति ने मुझे 1990 में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान सोमनाथ से अयोध्या तक राम रथ यात्रा का दायित्व दिया। इस यात्रा में असंख्य लोगों की आकांक्षा, ऊर्जा और अभिलाषा को प्रेरित किया।

इस शुभ अवसर पर मैं उन सभी संतों, नेताओं और देश-विदेश के जनमानस के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान दिया। मुझे इस बात की भी प्रसन्नता है कि नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण का काम शांतिपूर्ण वातावरण में शुरू हो रहा है।

श्रीराम का स्थान भारतीय सभ्यता और संस्कृति में सबसे ऊपर है। वे शिष्टाचार और मर्यादा के मूर्त रूप हैं। यह मंदिर हम सब भारतीयों को श्रीराम के इन गुणों को आत्मसात करने की प्रेरणा देगा। राम मंदिर शांतिपूर्ण भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। सबके लिए न्याय होगा और कोई भी बहिष्कृत नहीं होगा। श्रीराम का आशीर्वाद सबको मिले। जय श्रीराम।’’

 

 

 

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