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भारत बंद: कृषि बिलों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, पटना में पप्पू यादव की पार्टी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प

September 25th, 2020 16:34 IST

हाईलाइट

  • संसद के दोनों सदनों में पारित कृषि बिलों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन
  • सड़कों और पटरियों पर उतरे किसान, पंजाब में रेल रोको आंदोलन

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र में दोनों सदनों से पास हुए कृषि बिलों का देशभर के किसान लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आज शुक्रवार को इन्ही बिलों के विरोध में देशभर में किसानों ने बंद का आह्वान किया है। किसान सड़क और पटरियों पर उतकर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों के भारत बंद के समर्थन में कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दल भी आ गए हैं।

इसके अलावा देश के 31 किसान संगठनों ने इस बंद का समर्थन किया है। वहीं पंजाब में 'रेल रोको' आंदोलन भी जारी है। किसानों के आक्रोश को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। भारत बंद ऐलान के बाद जगह जगह सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर भी दिल्ली पुलिस और सीआईएसएफ के जवान तैनात हैं।

पुलिस बलों की तैनाती भी बढ़ाई गई
पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत देश के अन्य राज्यों में कृषि विधयकों का विरोध सड़कों पर उतर आया है। भारतीय किसान यूनियन समेत अन्य किसान संगठन बिल के खिलाफ चक्का जाम कर रहे हैं। इधर, भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) का कहना है कि वो 2 अक्टूबर को दिल्ली में लाल बहादुर शास्त्री की समाधि की ओर कूच करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।

कृषि बिलों के विरोध में किसानों का भारत बंद Live Update:

विरोध प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव की पार्टी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प  
जन अधिकार पार्टी (जाप) के अध्यक्ष पप्पू यादव बिहार बंद को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरे। पप्पू यादव ने संसद से पास हुए कृषि से जुड़े तीनों विधेयकों को किसान विरोधी बताया। ट्रैक्टर पर बैठ कर वे इनकम टैक्स गोलम्बर से डाक बंगला चैराहा तक गए और अपना विरोध जताया। बंद के समर्थन में हजारों समर्थक और आम जनता सड़क पर आई और इन कानूनों को वापस लेने की मांग की। पप्पू यादव ने कहा, इस कानून ने देश की आत्मा पर चोट की है। ये अन्नदाता को कमजोर करने वाला कानून है। देश की आधी आबादी कृषि और कृषि आधारित रोजगारों पर आश्रित है और इस कानून से ये पूरी आधी आबादी प्रभावित होगी।

तमिलनाडु: नेशनल साउथ इंडियन रिवर इंटरलिंकिंग किसान एसोसिएशन के किसान त्रिची में कलेक्टर कार्यालय के बाहर मानव खोपड़ी के साथ प्रदर्शन किया।

अमृतसर: शिरोमणि अकाली दल के बिक्रम सिंह मजीठिया ने विरोध प्रदर्शन किया।

तेजस्वी यादव ने निकाली ट्रैक्टर रैली
बिहार: किसानों के समर्थन में आए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्रैक्टर रैली निकाल कर कृषि बिलों का विरोध जताया।

फंडदाताओं के ​जरिए अन्नदाताओं को कठपु​तली बनाने का काम- तेजस्वी 
तेजस्वी यादव ने कहा, सरकार ने अपने फंडदाताओं के ​जरिए अन्नदाताओं को कठपु​तली बनाने का काम किया है, ये पूरी तरह किसान विरोधी बिल हैं। इस सरकार ने ऐसा कोई भी सेक्टर छोड़ने का काम नहीं किया जिसका इन्होंने निजीकरण न किया हो। MSP का कहीं भी विधेयक में जिक्र नहीं है।

नोएडा में सड़क पर जाम
भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने दिल्ली की सीमा के पास सड़क जाम किया। नोएडा के एडिशनल डीसीपी ने कहा, हमने ट्रैफ़िक को डायवर्ट किया है ताकि लोगों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। पुलिस बल भी तैनात है।
 

पूरे देश के किसान संगठन एकजुट
भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल ने बताया, हमारे क्षेत्रों में लगभग सब कुछ बंद है। मथुरा और आगरा में किसान सड़कों पर आ गए हैं। जब तक कानून वापस नहीं होगा तब तक हम आंदोलन करते रहेंगे। 2 अक्टूबर को दिल्ली में लाल बहादुर शास्त्री की समाधि पर पूरे देश का किसान पहुंच रहा है। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत कह चुके हैं कि, चक्का जाम में पंजाब, हरियाणा, यूपी, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत पूरे देश के किसान संगठन एकजुट हैं। पंजाब में कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों का तीन दिवसीय रेल रोको आंदोलन भी जारी है।

पंजाब: कृषि विधेयकों के विरोध में 'रेल रोको आंदोलन', अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान, ट्रेनों का परिचालन रद्द

पंजाब में तीन दिवसीय 'रेल रोको आंदोलन'
कृषि विधेयकों के विरोध में पंजाब में किसानों ने गुरुवार को तीन दिवसीय 'रेल रोको आंदोलन' शुरू किया। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर बैठकर रेल रोको आंदोलन की शुरुआत की। ये आंदोलन 26 तारीख तक चलेगा। किसान अमृतसर, फिरोजपुर और नाभा में रेलवे ट्रैक पर डटे हुए हैं। किसानों के आंदोलन को देखते हुए रेलवे ने 20 ट्रेनें शनिवार तक रद्द कर दीं हैं। पंजाब और हरियाणा में रेलवे ट्रैकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों के साथ ही सादी वर्दी में सुरक्षाकर्मी जगह-जगह तैनात हैं।

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) ने भी कृषि बिलों के खिलाफ भारत बंद का समर्थन किया है। पंजाब में इस बिल का विरोध काफी पहले से जारी है। यहां किसान संघर्ष समिति के सदस्यों अमृतसर के जंडियाला के गांव देवीदासपुर के पास अमृतसर-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर लेट गए, जबकि फिरोजपुर छावनी स्टेशन के पास बस्ती टैंकवाली और नाभा स्टेशन पर रेलवे स्टेशन के आसपास टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। यहां लंगर का भी प्रबंध किया गया है। 

पूरी रात रेलवे ट्रैक पर डटे रहे किसान
पंजाब में किसान पूरी रात रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठे रहे और कृषि बिल का विरोध करते रहे। किसानों का कहना है, हम 26 सितंबर तक रेल रोको अभियान चलाएंगे, इसके बाद भी अगर सरकार बिल वापस नहीं लेती है तो हम आगे की रणनीति बनाएंगे। 

किसानों के भारत बंद के कारण दिल्ली-चंडीगढ़ बस सेवा बंद
भारत बंद के कारण दिल्ली-चंडीगढ़ बस सेवा को बंद कर दिया गया है। किसानों के विरोध के चलते ट्रेन के पहिये भी थम गए हैं। प्रोटेस्ट को लेकर अंबाला जिला प्रशासन चौकन्ना है और 5 बटालियन पुलिस को लगाया गया है। रेलवे ट्रेक और स्टेशन की सुरक्षा में जीआरपी और आरपीएफ भी चौकस है। जिला प्रशासन ने प्रदर्शन की वीडियोग्राफी कराने की भी तैयारी की है।

पंजाब में 12 ट्रेनें रद्द
किसानों के प्रदर्शन के कारण अमृतसर से चलने वाली 12 गाड़ियां रद्द कर दी गईं और जो अमृतसर पहुंचने वाली ट्रेनों को अंबाला में ही रोक दिया गया। कुछ गाड़ियों के रूट में परिवर्तन कर उन्हें गंतव्य स्टेशन तक पहुंचाया गया। किसानों ने राज्य में कई जगह रोड जाम कर प्रदर्शन किया। इसके अलावा कई अन्य संगठनों के साथ ही कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, आम आदमी पार्टी ने भी बंद को समर्थन दिया है।

पंजाब: कृषि विधेयकों के विरोध में 'रेल रोको आंदोलन', अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान, ट्रेनों का परिचालन रद्द

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samir sardana September 26th, 2020 23:35 IST

Some Basic Facts Banias = Vermin Brahmins = Vermin Arhatiya = Vermin The Arhatiya have to be EXTERMINATED – alongwith the Bania scum.Indian Agriculture,is a Ponzi Story ! Farmer A sells potatos at Rs 5/per Kg to Bania Arhatiya (B),who sorts,grades and sells to Bania wholesalers (C),at Rs 10/kg, who then sells to bania retailers (D),at Rs 20/kg,and then,who sell to users (F) at Rs 30/kg. dindooohindoo OR Bania Arhatiya (B),who sorts,grades and sells to Manufacturers (E) OR Bania Arhatiya (B),who sorts,grades and sells to Indian Walmart (G) Y not kill B,C and D ? Dharti Pe Bhoja Bascially B,C and D number 10-15 crore bania-brahmin vermin.They are worthless trash who cannot employed.So the Ponzi rule is that the Indian farmer (A) and the users (F),have to partake in a Ponzi Sceheme,to employ the bania vermin (B,C and D). So B.C and D are doing a Ponzi on A and F,with the blessings of the GOI – as the GOI is a nikamma namard state. Y are Dharti Pe Bhoja,in the Agri Business ? Simple,it is tax free,and so,is ideal for money laundering. 2ndly,the Dharti Pe Bhoja operate in those businesses,where the supplier is impotent (the farmer),the Buyer is an oaf (the user) and the GOI is absent,helpless and COMPLETELY RELIANT,on the Bania vermin. The Foolish Farmer The twit small farmer who gets loans from B,is getting the loan from the profits and cheating done by B earned FROM the conning A.The Indian State has abdicated the role of banking to farners and OUTSOURCED it to B.In 73 yearsthe nikamma GOI could not structure a MUDRA scheme for the small farmers – as B lends to A,at high ROI,and in some cases,on land/gold security. The farmer love for B is like state sposnored use of ganja.The farners have become addicted as B lends to A to snort ganja. The Financing of the Supply Chain of Bania vermin When B sells to C to D they sell on credit and recover only the marginal cost.With 7-15 rotations,when the Marginal Cost is recovered and there is a Profit of 100%,then they sell on clean credit ONLY to the Bania vermin.That way,the web is spread wide and far,and the compounding,is exponential Killing the Bania vermin By killing the Bania vermin,E and G will purchase from the farmers DIRECTLY.Therefore,the NSR to the farmer will OBVIOUSLY INCREASE.Farmer always has the option to sell to B,C and D.More importantly,it will force to organise and form,a co-operative and cartelise. The Maths The Potato Farmer will get Rs 10/kg as the stages of B,C and D are obviated by E and G.E and G have staff and godowns and so,they do not need B and the State Infrastructure.In any case,state infrastructure is trash.E and G will buy in clusters,all grades of Potatos, and so,the losses incurred by B.C and D of sorting,grading and storing are saved,and the farmer is also NOT Cheated. Since E and G have better infrastructure,the farmer purchase is free of tax (as E and G are NOT RELYING on the State) – and so,there is a saving of 8-10% therein,AND the margins of B,AND THE WORKING CAPITAL INTEREST OF B,and the Mandi losses (storage,sorting,handling etc.) – In Phase 1. The savings of E and G,will ensure that the farmer gets a price,HIGHER THAN THE MSP,paid by B to A. For the premium grades of Potato, E and G will pay a MUCH HIGHER PRICE to farmer – as that is where B makes the maximum margin – and so,on a basket price of all grades of Potatos,also,A will get a much higher price from E and G.In addition,the bonus and incentives paid by E and G to B for consistent quality,will ALSO go to Farmer A – and that will lead to strategic sourcing,agri hedging,partnership and technology transfer. Since the Mandis will NOT be used,or used to a lesser extent – the GOI subsidy and expense on the same,can be OBVIATED.and,in due Course,the Godowns and Infra in the Mandis,can be OUTSOURCED to E and G,or SOLD to E and G,THUS RAISING A ONE TIME OR RECURRING REVENUE,TO THE GOI More and more people will start retail cooperatives,as they can purchase from farmers,free of tax,and, at a lower landed cost – and so,the Bania chain of C and D,will face competition,and the Price to User E,will be lowered The Logistics supply chain will be improved,as the logistics operations of E amd G,will be at the door step,of the farmer – from the Farm Gate,to the Warehouses of E and G. MSP In India,perhaps 80% of farmers realisations are of NON-MSP Crops.So the MSP debate is irrelevant.In any case,the farmer has the option to go to the Mandi to sell the MSP crop. The Final Solution – Dharti Pe Bhoja These Bania Scum – B,C and D – who are bania and brahmin vermin, and for the last 5000 years,have been looting the agri,financial and industrial supply chain.They are off the banking grid – as they lend among each otherand sell on credit – and so,Indian Banks and the State,EARNS NO REVENUE from them.The black money anc capital created by these scum from the agri chain is deployed in money laundering and all the other illegal trades in this pathetic nation. The SAME capital of these vermin is COMPOUNDED at several stages in the SUPPLY CHAIN to Yield a return of 1000-1500% per annum – AT THE MINIMUM. There is NO CONTROL on their SPECUALTION as the Nikamma Indian State has NO DATA OR CONTROL OVER THEIR STOCKS.Hence,these vermin can CREATE supply shocks, at ANY TIME that they want. The Time has come to EXTERMINATE THEM – they are pure SCUM.

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