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Coronavirus in India: अमित शाह ने कोविड टीकाकरण अभियान की समीक्षा की, महाराष्ट्र के बुलढाणा में दोपहर 3 से सुबह 8 बजे तक लॉकडाउन

Coronavirus in India: अमित शाह ने कोविड टीकाकरण अभियान की समीक्षा की, महाराष्ट्र के बुलढाणा में दोपहर 3 से सुबह 8 बजे तक लॉकडाउन

हाईलाइट

  • महाराष्ट्र के बुलढाणा में दोपहर 3 से सुबह 8 बजे तक लॉकडाउन
  • 91 जिलों में कोरोना की रफ्तार तेज हुई
  • एक दिन में 4,468 एक्टिव केस बढ़े

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश भर में हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक दी जा रही है और तीसरे चरण के टीकाकरण अभियान की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया की जांच के लिए कोविड-19 टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा की।

यह बैठक ऐसे महत्वपूर्ण समय में हुई, जब देश में 1.14 करोड़ लाभार्थियों को कोविड टीका लगाया जा चुका है। स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू किया गया था। टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण मार्च में शुरू होना है। इसमें 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कवर किया जाएगा। कम से कम 50 वर्ष की आयु वर्ग वाले लोगों की संख्या लगभग 27 करोड़ है।

महाराष्ट्र के बुलढाणा में दोपहर 3 से सुबह 8 बजे तक लॉकडाउन
उधर, महाराष्ट्र के बुलढाणा में कोरोना के बढ़ते केसों की वजह से पाबंदियां बढ़ा दी गई है। जिले में आने वाले बुलढाणा शहर, चिकहली, खामगांव, देउलगांव राजा और मल्कापुर में पाबंदियों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए। DM एस राममूर्ति ने बताया कि इस दौरान लोग दोपहर 3 बजे से सुबह 8 बजे तक बाहर नहीं निकल सकते हैं। जरूरी सामानों की बिक्री सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक ही होगी। संक्रमितों को होम आइसोलेशन की इजाजत भी नहीं दी गई है।

91 जिलों में कोरोना की रफ्तार तेज हुई
देश में कोरोना ने फिर जोर पकड़ लिया है। 91 जिलों में मरीज मिलने की रफ्तार बढ़ी है। इनमें 34 जिले महाराष्ट्र के ही हैं। इसके अलावा कर्नाटक के 16, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, गुजरात और बिहार के 4-4, जबकि केरल के दो जिले शामिल हैं। यहां बीते कुछ दिनों से रोजाना संक्रमितों की संख्या ठीक होने वाले मरीजों से ज्यादा है।

एक दिन में 4,468 एक्टिव केस बढ़े
रविवार को देश में 14,278 नए मरीज मिले। 9,715 ठीक हुए, जबकि 83 की मौत हो गई। रविवार को 4,468 एक्टिव केस बढ़े, जो पिछले 87 दिनों में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले 25 नवंबर को 7,234 एक्टिव केस बढ़े थे। एक्टिव केस यानी जिन मरीजों का इलाज चल रहा है। देश में अब तक 1 करोड़ 10 लाख से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 1 करोड़ 6 लाख 97 हजार लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 1 लाख 56 हजार 422 मरीजों की मौत हो गई। अभी 1 लाख 47 हजार 156 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है।

समीक्षा बैठक में ये रहे मौजूद
शाह ने गृह मंत्रालय कार्यालय में बैठक की अध्यक्षता की। इसमें कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करने, टीकाकरण के लिए राज्यों और संघ शासित प्रदेशों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी मौजूद थे। बैठक में नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल, कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, गृह सचिव, स्वास्थ्य सचिव, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के निदेशक, एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।