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बारिश का कहर: यूपी में अब तक 44 की मौत, बिहार के 15 जिलों में रेड अलर्ट, स्कूल बंद

बारिश का कहर: यूपी में अब तक 44 की मौत, बिहार के 15 जिलों में रेड अलर्ट, स्कूल बंद

हाईलाइट

  • उत्तर प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में आफत की बारिश शनिवार को भी जारी है
  • बीते 24 घंटे से हो रही भारी बारिश के चलते कम से कम 44 लोगों की मौत हो चुकी है

डिजिटल डेस्क, लखनऊ/पटना। उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश का कहर जारी है। उत्तर प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में लगातार हो रही आफत की बारिश आज शनिवार को भी जारी है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बीते 24 घंटे से हो रही भारी बारिश के चलते कम से कम 44 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने आज भी सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। वहीं बिहार के करीब 15 जिलों में भारी बारिश की संभावने के चलते रेज अलर्ट जारी किया गया है। स्कूलों में भी छुट्टी का ऐलान किया गया है। 

भारी बारिश के कारण यूपी के विभिन्न जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वो प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाएं। राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन ने भारी बारिश के मद्देनजर स्कूलों को शनिवार को बंद रखने के आदेश दिए हैं।

शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ के संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में रहकर बचाव और राहत कार्य पर नजर रखने का निर्देश दिया। साथ ही मृतकों के परिवारवालों को 4 लाख रुपये मुआवजे का भी ऐलान किया। यूपी के राहत कमिश्नर जीएस प्रियदर्शी का कहना है, हमने सभी कलेक्टरों को मौसम के बारे में पूर्वानुमान और चेतावनी जारी की है। आज पूर्वी यूपी के इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है, पश्चिमी यूपी में कम बारिश होगी। गाजीपुर और बलिया में गंगा और गोंडा में एक नदी खतरे के निशान से ऊपर है।

यूपी के कई जिलों में बारिश ने कहर बरपाया। मीर्जापुर में घंटाघर में कच्चा मकान गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। सुलतानपुर में कच्ची दीवार गिरने से एक मासूम की जान चली गई। बलिया में भी अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक चंदौली में 3, अमेठी और भदोही में 2-2 लोग और वाराणसी व अयोध्या में भारिश बारिश से एक-एक लोगों की बारिश के कारण हुए हादसों में मौत हुई है।

आंबेडकरनगर में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश से बुरा हाल है। मकान गिरने की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को राजेसुल्तानपुर थाना इलाके के बांसगांव में एक मकान गिरने से पिता-पुत्री की मौत हो गई, जबकि इसी इलाके के तरौना गांव में मकान गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। शुक्रवार को भी दो लोगों की मकान ढहने से मौत हो गई थी।

भारी बारिश के बाद पटना में डाक बंगला चौराहे पर इस कदर पानी भर गया है कि वहां से गुजरने वाली गाड़ियो का कुछ हिस्सा पानी में डूबा रहता है। बिहार में बारिश के बाद नालंदा मेडिकल कॉलेज में पानी भर गया।

भारी बारिश के कारण बिहार में भी काफी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर रेल और आवागमन की अन्य सुविधाएं बाधित हैं। गंगा-गंडक जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। सीएम नीतीश कुमार ने आपदा प्रबंधन विभाग को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं मौसम विभाग ने भी यूपी और बिहार में अगले दो दिन भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसी क्रम में बिहार में 15 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। बिहार सरकार ने अगले दो दिन तक सभी स्कूलों को बंद रखने का भी निर्देश दिया है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।