दैनिक भास्कर हिंदी: क्या हैक हो सकती हैं EVM मशीनें?...क्या है विशेषज्ञों की राय, यहां पढ़ें

November 12th, 2018

हाईलाइट

  • भारत में अब तक कई लोगों ने EVM मशीनों से छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं
  • मगर कोर्ट में ये कहना काफी नहीं है कि EVM हैक हो सकती है

डिजिटल डेस्क, भोपाल। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) ने आज भारत में स्थानीय, राज्य और आम (संसदीय) चुनावों में पेपर मतपत्रों की जगह पूरी तरह से ले ली है। मगर इसकी विश्वसनीयता को लेकर विपक्षी दल आज भी पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद लालकृष्ण आडवाणी ने और फिर यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में करारी हार के बाद मायावती समेत समस्त विपक्षी दल EVM से छेड़खानी के आरोप सत्तापक्ष पर लगाते रहे हैं, मगर कोई भी इस आरोप को सुप्रीम कोर्ट में साबित नहीं कर सका है। आज भी यह सवाल सभी के ज़हन में है कि क्या EVM मशीनें हैक हो सकती हैं?

टीएस कृष्णमूर्ति बोले- हैक करना मुमकिन नहीं
जब इस पूरे मामले में पूर्व चुनाव आयुक्त टीएस कृष्णमूर्ति से बात की गई थी तो उन्होंने अपनी एक अलग ही राय दी थी। कृष्णमूर्ति ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा था कि भारत में जो EVM मशीनें उपयोग की जाती हैं, वो काफी सुरक्षित हैं और उन्हें हैक नहीं किया जा सकता है। हां, ऐसा जरूर हो सकता है कि मशीन चलाने वाले लोग ही पोलिंग बूथ पर इसे ठीक से चला ना पाएं, लेकिन वोटिंग से पहले इन मशीनों को कड़ी जांच से गुजरना पड़ता है।

सुप्रीम कोर्ट में साबित नहीं हुई हैकिंग
कृष्णमूर्ति के अनुसार भारत में अब तक कई लोगों ने EVM मशीनों से छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं, मगर वे कोर्ट में इन आरोपों को साबित नहीं कर सके। जब भी EVM से छेड़छाड़ का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, हर बार कोर्ट को सबूत के अभाव में ये मामले ख़ारिज करने पड़े हैं। हां, कुछ लोगों को इसमें पेपर ट्रेल की मांग की थी और इसे बाद में जोड़ दिया गया।

अरुण मेहता के अनुसार हैक हो सकती हैं EVM
शारदा यूनिवर्सिटी में शोध और तकनीकी विकास विभाग में प्रोफेसर अरुण मेहता के अनुसार EVM मशीनों को हैक किया जा सकता है। EVM को आसानी से हैक किया जा सकता है या फिर कठिनाई से, ये हैकर्स के ज्ञान पर डिपेंड करता है। अरुण मेहता के अनुसार EVM में कंप्यूटर की ही प्रोग्रामिंग होती है, यही कारण है कि इसे बदला भी जा सकता है। आप EVM बेहतर बनाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन ये भी देखें कि हैकर्स भी बेहतर होते जा रहे हैं।

हालांकि प्रोफेसर अरुण मेहता मानते हैं कि कोर्ट में ये कहना काफी नहीं है कि EVM हैक हो सकती है। इसके लिए सबूत पेश करने होते हैं और ऐसा करना काफी मुश्किल है। वहीं EVM की सिक्योरिटी पर नज़र रखने वाले तकनीकी विशेषज्ञ भी मानते हैं कि मशीनों को हैक करना कोई बड़ी बात नहीं है और ऐसा साबित भी किया जा चुका है।

अमेरिकी कंपनी ने किया था हैकिंग का दावा
अमेरीका के मिशिगन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने मई 2010 में EVM को लेकर एक चौंकाने वाला दावा किया था। वैज्ञानिकों ने कहा था कि उनके पास भारत की EVM को हैक करने की तकनीक है। उन्होंने दावा किया था कि ऐसी एक मशीन से होम मेड उपकरण को जोड़ने के बाद पाया गया कि मोबाइल से टैक्स्ट मैसेज के जरिए EVM के परिणामों में बदलाव किया जा सकता है।

गौरतलब है कि 2018 में देश के पांच राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन सभी राज्यों में EVM मशीनों का ही उपयोग होगा। चुनावी शेड्यूल के अनुसार मध्यप्रदेश और मिजोरम में 28 नवंबर, छत्तीसगढ़ में 12 और 20 नवंबर और राजस्थान व तेलंगाना में 7 दिसंबर को मतदान किया जाएगा। मतों की गिनती 11 दिसंबर को की जाएगी। अब देखना होगा कि चुनाव परिणाम आने के बाद विपक्षी दल EVM मशीन से छेड़छाड़ करने का कितना हो-हल्ला मचाते हैं।