दैनिक भास्कर हिंदी: मप्र: कांग्रेस विधायक ने सिंधिया पर 50 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर देने का अरोप लगाया, दिग्विजय ने कहा- अब जवाब दें 

November 1st, 2020

हाईलाइट

  • उमंग सिंघार ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर गंभीर आरोप लगाए
  • 'ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 50 करोड़ रूपये और मंत्री पद का ऑफर दिया था'
  • आरोपों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को जवाब देना चाहिए: दिग्विजय सिंह

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के समय मंत्री रहे कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर 50 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर देने का अरोप लगाया है। उमंग सिंघार ने कहा कि बीजेपी में शामिल होने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 50 करोड़ रुपए और मंत्री पद का ऑफर दिया था। कांग्रेस नेता के आरोपों के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा हो गई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया अब कांग्रेस के निशाने पर आ गए हैं। पूर्व सीएम और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरोपों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को जवाब देना चाहिए।

आरोपों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को जवाब देना चाहिए: दिग्विजय सिंह
बदनावर में एक सभा को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि उमंग सिंघार ज्योतिरादित्य सिंधिया के खास थे। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं, उस पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को स्पष्टीकरण देना चाहिए। ज्योतिरादित्य सिंधिया को बताना चाहिए उमंग सिंघार सच बोल रहे हैं या झूठ। दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान को अटल बिहारी वाजपेयी से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने एक वोट से सरकार गिरना पसंद किया। वो सिद्धांतवादी थे।

उमंग सिंघार ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर गंभीर आरोप लगाए
इससे पहले उमंग सिंघार ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर गंभीर आरोप लगाकार सूबे की राजनीति में हलचल बढ़ा दी। उन्होंने कहा कि सिंधिया ने भाजपा में शामिल होने के लिए 50 करोड़ रुपए और मंत्री पद का ऑफर दिया था। पूर्व मंत्री ने ये भी कहा कि मैंने उस समय ज्योतिरादित्य सिंधिया को कहा था कि मेरे लिए सिद्धांत महत्वपूर्ण है। पद महत्वपूर्ण नहीं है।

उमंग सिंघार ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनसे कहा कि कांग्रेस में आपका भविष्य नहीं है। आपकी जो आर्थिक स्थिति है उसको लेकर हम आपके लिए 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था कर देते हैं। मेरी भाजपा से बात हो गई है। आपको मंत्री पद भी दे देते हैं। बता दें कि मार्च 2020 में सिंधिया कांग्रेस से अलग होकर भाजपा में शामिल हो गए थे। सिंधिया गुट के विधायकों ने विधायकी से इस्तीफा दे दिया था और बीजेपी का दामन थाम लिया था। जिसके बाद कांग्रेस की सरकार गिर गई थी।

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