दैनिक भास्कर हिंदी: राज्यसभा उपसभापति चुनाव : राहुल पर उठे सवाल, ..क्या रणनीतिक चूक थी UPA की हार?

September 8th, 2018

हाईलाइट

  • UPA अध्यक्ष राहुल गांधी पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
  • कांग्रेस के सहयोगी दलों ने इस हार का ठिकरा कांग्रेस पर फोड़ा है।
  • NDA अन्य दलों के समर्थन जुटाने में भी कामयाब रही।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राज्यसभा उपसभापति चुनाव में UPA प्रत्याशी बीके प्रसाद की हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर सवाल खड़े होने लगे हैं। विपक्षी दलों ने इस हार का ठिकरा कांग्रेस और राहुल गांधी पर फोड़ दिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि UPA के पास पर्याप्त संख्या होने के बावजूद वह NDA प्रत्याशी हरिवंश को हराने में नाकाम रही है। विपक्षी दलों का मानना है कि इस चुनाव में कांग्रेस अपने प्रत्याशी की जगह किसी सहयोगी दल का चेहरा आगे करती तो जीत हासिल कर सकती थी। हालांकि इन नेताओं ने इस हार से मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष की एकजुटता पर उठ रहे सवाल को खारिज कर दिया है। इनका कहना है कि मोदी सरकार की विभाजनकारी नीतियों के खिलाफ विपक्षी दल पहले भी एक थे और आगे भी एक रहेंगे।

राहुल गांधी ने नहीं की जीतने की कोशिश
राज्यसभा उपसभापति चुनाव में कांग्रेस की सक्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्षी दलों के मुताबिक राहुल गांधी ने इस मतदान को जीतने की ज्यादा कोशिश नहीं की। वहीं NDA अन्य दलों के समर्थन जुटाने में भी कामयाब रही। AIADMK, TRS और BJD जैसे दलों ने NDA उम्मीदवार के पक्ष में वोटिंग की। बात उम्मीदवारों की हो तो इस चुनाव के ऐलान के बाद तक कांग्रेस उम्मीदवार को लेकर स्पष्ट नहीं थी। वहीं NDA ने चुनाव घोषणा होते ही अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था।

सहयोगी दल का उम्मीदवार खड़ा करते तो जीत सकते थे
विपक्षी पार्टी के कुछ नेताओं के अनुसार चुनाव में बीके प्रसाद के उतरने से यह चुनाव बस कांग्रेस पार्टी का होकर रह गया। कांग्रेस के साथ बस UPA के दल ही रहे, जबकि अन्य विपक्षी दलों ने कांग्रेस उम्मीदवार से दूरी बना ली। वहीं NDA की ओर से जनता दल यूनाइटेड (JDU) के हरिवंश उम्मीदवार थे। इससे NDA को बहुत फायदा हुआ। NDA के सभी दल, यहां तक कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने खुद दूसरे दलों से समर्थन देने के लिए बात की।

AAP के सांसद संजय सिंह ने राहुल गांधी को घेरा
AAP के सांसद संजय सिंह ने राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस को वोट लेने के लिए हमसे संपर्क करना चाहिए था। राहुल ने न तो AAP के संयोजक केजरीवाल से कोई बातचीत की और न ही समर्थन मांगा। उनकी पार्टी फिर कैसे समर्थन दे सकती थी। वहीं TMC नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, 'इस चुनाव से विपक्ष की एकजुटता को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यह पीएम मोदी और NDA सरकार की बैचानी को दिखाता है। वह किसी भी तरह से चुनाव जीतना चाहते हैं। यह केवल एक वार्मअप मैच जैसा है। हम वर्ल्डकप जीतने में जरूर कामयाब होंगे।'

बता दें कि राज्यसभा के उपसभापति चुनाव में NDA के उम्मीदवार हरिवंश नारायण सिंह उपसभापति चुने गए। हरिवंश को 125 और यूपीए उम्मीदवार हरिप्रसाद को 105 वोट मिले। 1977 से लगातार कांग्रेस का उम्मीदवार ही उपसभापति बनता आ रहा था। यह पहली बार है जब इतने सालों बाद कोई गैर कांग्रेसी उपसभापति बना है। इस लिहाज से एनडीए की ये जीत बेहद अहम मानी जा रही है।

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