US Israel Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकला जहाज, MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शिप के बारे में क्या बताया?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच युद्ध 13वें दिन भी जारी है। इसके कारण व्यापक विनाश और क्षेत्रीय अस्थिरता बनी हुई है। अंतर्राष्ट्रीय दबाव के बावजूद भी युद्ध बढ़ता ही जा रहा हैं। इस जंग ने विश्व स्तर पर वस्तुओं के उत्पादन और भारत के व्यापार को प्रभावित किया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले कार्गो शिप पर ईरान आए दिन हमला कर रहा है। उसने कहा हम इस रास्ते से एक लीटर तेल भी गुजरने नहीं देंगे। होर्मुज के आसपास भारतीय जहाजों की आवाजाही को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष से पिछले कुछ दिनों में तीन बार बातचीत की है। यह जानकारी MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दी है।
होर्मुज से गुजरने वाले शिप को लेकर क्या बोले MEA?
रणधीर जायसवाल ने कहा, 'विदेश मंत्री जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच आखिरी बातचीत में समुद्री जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा अभी ज्यादा कुछ कहना जल्दबाजी होगी।' उन्होंने दोहराते हुए कहा कि मैं भारतीय नागरिकों की निकासी को लेकर चिंतित हूं, उन्हें हर तरह की सुविधा पहुंचाने की कोशिश जारी है।
उन्होंने कहा, 'भारत सरकार ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद कर रही है। जो भारतीय अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते वापस भारत आना चाहते हैं, उन्हें वीजा दिलाने और जमीन के रास्ते सीमा पार कराने में भी सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया ईरान में करीब 9 हजार भारतीय नागरिक मौजूद थे वे अभी भी हैं। इनमें छात्र, नाविक (सीफेरर्स), कारोबारी, पेशेवर लोग और कुछ तीर्थयात्री शामिल हैं।'
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकल कर भारत पहुंचा शिप
MEA प्रवक्ता ने दावा करते हुए कहा कि भारतीय लोगों में खासकर पढ़ने वाले छात्र भारत वापस आ चुके हैं। ईरान की राजधानी तेहरान में रहने वाले कई भारतीय नागरिक (जिनमें छात्र और हज या तीर्थयात्रा करने वाले लोग भी शामिल हैं) को सुरक्षा के लिहाज से उन्हें देश के सेफ जगहों पर भेज दिया गया है। इस बीच सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर आने वाला एक बड़ा टैंकर सुरक्षित रूप से गुरुवार (12 मार्च 2026) को मुंबई पोर्ट पहुंचा है। इस शिप पर लाइबेरिया का झंडा लगा था। आपको बता दें, लाइबेरिया झंडा संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के झंडे से काफी मिलता-जुलता है। इसमें अमेरिका के समान 11 लाल-सफेद धारियां और नीले रंग के कैंटन (ऊपरी कोना) में एक सफेद तारा है, जो 24 अगस्त 1847 को अपनाया गया था।
Created On :   12 March 2026 9:29 PM IST












