Nepal Flood: नेपाल में आई कुदरती आफत में 300 से ज्यादा भारतीय लापता, कौन किस राज्य का है? पूरी जानकारी

नेपाल में आई कुदरती आफत में 300 से ज्यादा भारतीय लापता, कौन किस राज्य का है? पूरी जानकारी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में आई अचानक बाढ़ ने वहां सब कुछ तहस-नहस कर दिया है। ये प्राकृतिक आपदा अब तक 162 लोगों की जान निगल चुकी है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। इस कुदरती आफत में 800 से ज्यादा लोग लापता हो गए हैं। इसी बीच नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल का बयान आया है उन्होंने कहा कि भारत के लगभग 300 लोग लापता है। उन लापता लोगों में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु भी शामिल हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय श्रद्धालु से संपर्क टूटा

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय श्रद्धालु से संपर्क नहीं हो पा रहा है क्योंकि इलाकों में मोबाइल और टेलीकम्युनिकेशन सेवाएं ठप हो गई हैं। भारतीय दूतावास और कई राज्य सरकारें अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने और परिवारों की मदद के लिए हेल्पलाइन चला रही हैं।

तमिलनाडु से कितने पर्यटक नेपाल गए थे?

तमिलनाडु से 57 पर्यटक नेपाल गए थे जिसमें से 37 का कोई अता-पता नहीं चल पा रहा है। जबकि 20 लोगों से संपर्क हो चुका है। इसी बीच ईशा फाउंडेशन ने बताया कि उसके 77 सदस्य एक इमिग्रेशन सेंटर पर मौजूद थे उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। संस्था ने बताया कि 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं। नेपाल सरकार ने संस्था के लोगों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इमिग्रेशन सेंटर में ये लोग मौजूद थे, वहां का पूरा स्टाफ संपर्क से बाहर है।

बंगाल के कितने लोग हो गए हैं लापता?

कोलकाता से 32 लोग का एक समूह नेपाल गया था। वह ग्रुप बुधवार सुबह तिब्बत जाने के लिए रसुवागढ़ी के इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद था। इसी दौरान बाढ़ आ गई और उसके बाद से किसी से संपर्क नहीं हो सका। बंगाल पुलिस प्रशासन ने लोगों से संपर्क साधने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। किसान नेता राकेश टिकैत भी अपने साथियों के साथ नेपाल के पोखरा में फंस गए थे। उन्होंने कहा कि बाढ़ की वजह से वहां की सड़के पूरी तरह से तहस-नहस हो गई हैं। इसलिए वे फ्लाइट से काठमांडू और वहां से दिल्ली लौटेंगे। उन्होंने कहा कि उनका निजी वाहन था जो नेपाल में ही छोड़ना पड़ा।

महाराष्ट्र और केरल के कितने यात्री फंसे हैं?

महाराष्ट्र के सात पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं उनमें से 4 का संपर्क हो चुका है। जबकि 3 अन्य लोगों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। राज्य सरकार ने मंत्रालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम बनाया है। वहीं केरल के 36 पर्यटकों का दल सुरक्षित बताया गया है वे बाढ़ प्रभावित इलाकों से दूर है। केरल सरकार ने नोर्का-रूट्स के जरिए हेल्पडेस्क शुरू किया है। सिक्किम, ओडिशा, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ सरकारों ने भी अपने नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

नेपाल बाढ़ में किस राज्य के कितने लोग फंसे?

राज्यफंसे लोगों की संख्या
महाराष्ट्र80
कर्नाटक5
आंध्र-प्रदेश28
तमिलनाडु37
पश्चिम बंगाल32
केरल37

भारतीय दूतावास ने जारी किए आपातकालीन नंबर

नेपाल में मौजूद भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों की सहायता करने के लिए आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। भारतीय नागरिक +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने भी सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और पर्यटक पुलिस नंबर 9851289445 जारी किया है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने भी एक हेल्पलाइन 0086 185 1428 4905 जारी की है। इस नंबर पर व्हाट्सऐप के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है।

नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई प्रकृतिक विपत्ति को लेकर ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इलाके में आई तबाही के बाद से संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप है। उन्होंने बताया कि उनकी एक टीम के करीब 80 लोग प्रभावित क्षेत्र में थे, जिनमें अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, नेपाल, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, स्पेन और कई अन्य देशों के लोग शामिल थे।

सद्गुरु जग्गी वासुदेव के मुताबिक इस समूह में 34 पुरुष और 46 महिलाएं थीं। इनके अलावा तीन स्वयंसेवक और एक डॉक्टर भी आसपास के होटलों में मौजूद थे। उन्होंने कहा इन लोगों के बारे में अभी किसी तरह की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

Created On :   27 Aug 2026 4:05 PM IST

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