ईरान-अमेरिका जंग खत्म: क्या देश में पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों में आएगी गिरावट, या महंगाई करेगी जनता को टॉर्चर, केंद्र सरकार ने क्या कहा?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। करीब चार महीने से चल मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका के बीच जंग आखिरकार थम गई। दोनों देशों के बीच शांति समझौता हो गया है। इसी के साथ कच्चे तेल की कीमत पर भारी गिरावट देखने को मिल रही है। लिहाजा, भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम में आए उछाल को कम किया जाएगा।
यह भी पढ़े -'दूसरों पर दोष मढ़ने के बजाय आत्म-मंथन करें', ठाकरे गुट को शिवेंद्रसिंहराजे भोसले का जवाब
पेट्रोल-डीजल की कीमतों राहत?
इस संबंध में पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने केंद्र सरकार की ओर से बयान जारी किया। उन्होंने गुरुवार को कहा कि ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने पर तुरंत फ्यूल के रेट कम नहीं किए जा सकते हैं। ऐसा न हो पाने के पीछे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कई तरह के पेट्रोल-डीजल के दाम तय करने में कई फैक्टर्स शामिल करना पड़ता है। इसमें सस्ता कच्चा तेल भारत पहुंचने में लगने वाला समय भी शामिल है।
मिडिल ईस्ट संघर्ष के बाद पेट्रोल-डीजल के दामों पर हुई बढ़ोत्तरी पर सुरक्षे गोपी ने चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रति लीटर लगभग 3.94 रुपये का इजाफे का असर पड़ा है। हालांकि, केवल ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमत घटने के आधार पर तुरंत वापस नहीं लिया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, "पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी।"
यह भी पढ़े -'राज्य की प्रगति को जकड़ रही वित्तीय अनुशासनहीनता', शिवसेना यूबीटी ने 'सामना' में साधा सरकार पर निशाना
बढ़ी कीमतों से केंद्र सरकार को हुआ नुकसान
इसके अलावा गोपी सुरेश ने ईरान-अमेरिका युद्ध पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि फरवरी में जंग शुरू होने के बाद से तेल कंपनियां गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। ऐसे में लंबे समय तक केंद्र सरकार को काफी वित्तीय जोखिम झेलना पड़ा है। गोपी ने कहा, 'इस प्रभाव को अपने ऊपर लेने के कारण केंद्र को 12 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। किसी भी राज्य ने बढ़ी हुई ईंधन कीमतों पर कम उत्पाद शुल्क लगाकर अपने राजस्व में कमी नहीं की। केंद्र सरकार को भी चलना है और तेल कंपनियों को भी टिके रहना है।'
Created On :  
