PM Modi Degree: पीएम मोदी की डिग्री पर अर्जी लगा कर बुरे फंसे केजरीवाल? अब देना होगा जुर्माना, हाईकोर्ट ने बरकरार रखा पुराना फैसला

पीएम मोदी की डिग्री पर अर्जी लगा कर बुरे फंसे केजरीवाल? अब देना होगा जुर्माना, हाईकोर्ट ने बरकरार रखा पुराना फैसला
गुजरात हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डीए रे की डिवीजन बेंच ने अरविंद केजरीवाल की अर्जी पर आए सिंगल जज के आदेश को बरकरार रखा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुजरात हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़ी हुई जानकारी मांगने वाले मामले में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को राहत नहीं दी है। कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी है और 25 हजार रुपए का जुर्माना भी बरकरार रखा है। यह मामला साल 2016 से चल रहा है और उस समय केजरीवाल ने प्रधानमंत्री की डिग्री से जुड़ी हुई जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की थी। इसके बाद ही केंद्रीय सूचना आयोग ने गुजरात यूनिवर्सिटी को जानकारी देने का आदेश दिया था। यूनिवर्सिटी ने इस आदेश को अदालत में चुनौती दी है। बाद में हाई कोर्ट ने आयोग का आदेश रद्द कर दिया था। अब इस फैसले के खिलाफ ही केजरीवाल की अपील भी खारिज हो गई है।

हाई कोर्ट ने क्या कहा?

मंगलवार, 29 सितंबर को गुजरात हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की अपील पर फैसला सुनाया है। चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डीए रे की बेंच ने कहा है कि पुराने फैसले में बदलाव करने की कोई वजह नहीं है। कोर्ट ने केजरीवाल पर लगाया गया 25 हजार रुपए का जुर्माना भी कायम रखा है। इससे पहले 24 सितंबर को अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

2023 में लगा था जुर्माना

वहीं, इस मामले में 31 मार्च 2023 को हाई कोर्ट के एक जज ने केजरीवाल पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने कहा था कि आरटीआई कानून का इस्तेमाल सही तरीके से नहीं किया गया। केजरीवाल ने इस फैसले के खिलाफ अपील की थी साथ ही उनकी ओर से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में अपनी बात रखी और जुर्माना हटाने की मांग की है। वहीं, गुजरात यूनिवर्सिटी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को लंबे समय तक चलाया गया और यूनिवर्सिटी के खिलाफ कई प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की गईं।

2016 में शुरू हुआ था मामला

बता दें, साल 2016 में अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय सूचना आयोग को चिट्ठी लिखी थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़ी जानकारी सामने लाने की मांग की थी। अप्रैल 2016 में आयोग ने दिल्ली यूनिवर्सिटी और गुजरात यूनिवर्सिटी को जानकारी देने का निर्देश दिया। इसके बाद गुजरात यूनिवर्सिटी अदालत पहुंची और आयोग के आदेश को चुनौती दी। मई 2016 में गुजरात यूनिवर्सिटी के तत्कालीन वाइस चांसलर एमएन पटेल ने कहा था कि नरेंद्र मोदी ने 1983 में पॉलिटिकल साइंस से एमए किया था। उनके मुताबिक, उन्हें 62.3 प्रतिशत अंक मिले थे और यूनिवर्सिटी ने बाद में डिग्री की जानकारी अपनी वेबसाइट पर भी डाली थी।

Created On :   29 Sept 2026 4:27 PM IST

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