MP Mosque Dispute: AI वीडियो से उज्जैन में हुआ बवाल? पूरी मस्जिद गिराने की झूठी खबर से जुटी भीड़, अब तक 15 गिरफ्तार

AI वीडियो से उज्जैन में हुआ बवाल? पूरी मस्जिद गिराने की झूठी खबर से जुटी भीड़, अब तक 15 गिरफ्तार
उज्जैन में सड़क चौड़ी करने के लिए शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने पर तनाव बढ़ गया। पुलिस के मुताबिक AI वीडियो से पूरी मस्जिद गिराने की झूठी खबर फैली जिसने लोगों में गुस्सा पैदा कर दिया।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने को लेकर सोमवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। यह हिस्सा 2028 के सिंहस्थ से पहले सड़क चौड़ी करने के रास्ते में आ रहा था। इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो तेजी से फैल गए जिनमें पूरी मस्जिद को गिराते हुए दिखाया गया था। पुलिस के मुताबिक ये वीडियो AI से बनाए गए थे और सच नहीं थे। इन वीडियो को देखकर कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस से भिड़ गए। बाद में मस्जिद का संबंधित हिस्सा मुस्लिम समाज के लोगों ने खुद हटाया। जानकारी के मुताबिक, मामले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

सड़क चौड़ी करने के लिए मस्जिद का हिस्सा हटाया गया

उज्जैन में 2028 के सिंहस्थ की तैयारियां चल रही हैं। इसी के तहत कई जगह सड़कें चौड़ी की जा रही हैं। शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा प्रस्तावित सड़क की जगह में आ रहा था। इसी हिस्से को हटाने की कार्रवाई की गई। बता दें कि, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 9 सितंबर को इसके लिए अनुमति दी थी।

रातभर मस्जिद के बाहर जुटी भीड़

कार्रवाई की खबर के बाद रविवार रात से बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के बाहर जमा होने लगे। सोमवार को स्थिति बिगड़ गई और पुलिस के साथ लोगों की झड़प हो गई। वहीं, पथराव की घटना के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। माहौल को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनाती करनी पड़ी।

AI वीडियो में दिखाई पूरी मस्जिद गिरती हुई

पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर कुछ झूठे वीडियो (AI Video) फैलाए गए। इनमें ऐसा दिखाया गया था कि पूरी शाही मस्जिद को गिराया जा रहा है। उज्जैन SP प्रदीप शर्मा ने बताया कि ऐसे वीडियो से लोगों में गलतफहमी फैली और भीड़ जुट गई।

सोशल मीडिया पेजों पर FIR, 15 लोग गिरफ्तार

पुलिस अब उन लोगों की भी जांच कर रही है जिन्होंने ये वीडियो बनाए या आगे शेयर किए थे। पुलिस ने सोशल मीडिया पेजों और इंफ्लुएंसर्स के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।

मुस्लिम समाज के लोगों ने खुद हटाया हिस्सा

हालांकि, बाद में मस्जिद कमेटी के सदस्यों और मुस्लिम समाज के लोगों ने प्रशासन के साथ मिलकर हटाने की कार्रवाई में मदद की। कमेटी के सदस्य मोहम्मद यूनुस ने कहा कि वे सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं और प्रशासन के साथ सहयोग करने को तैयार हैं।

हाईकोर्ट में भी मामला पहुंचा

मस्जिद के हिस्से को हटाने के फैसले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सोमवार को सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने प्रशासन के साथ सहयोग करने की बात कही। इसके बाद कोर्ट ने संबंधित अपीलों का निपटारा कर दिया।

Created On :   29 Sept 2026 11:06 AM IST

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