भारत के खिलाफ प्रस्ताव!: कश्मीर पर प्रोपेगेंडा नहीं चलेगा! OIC को भारत की दोटूक, पाकिस्तान के एजेंडे का मोहरा बनने पर सुनाई खरी-खोटी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) की बैठक में शामिल हुआ। इस दौरान देश विरोधी संदर्भों को लेकर पारित किए गए प्रस्तावों पर भारत ने OIC को खरी-खोटी सुनाई। इस मामले में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान जारी किया है। उनका कहना है कि इस बैठक का आयोजन 17-18 अक्टूबर, 2026 को बगदाद में हुआ था, जहां OIC के विदेश मंत्रियों द्वारा पारित किए गए भारत विरोधी प्रस्तावों के संदर्भों को खारिज कर दिया गया। साथ ही, इस बात पर भी निराशा व्यक्त की कि OIC ने दोबारा पाकिस्तान के कट्टर एजेंडे के लिए खुद का दुरुपयोग होने दिया है।
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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर क्या कहा?
मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी किया है। इसमें उन्होंने बताया, "भारत से जुड़े ये संदर्भ दुर्भावना से भरे, पक्षपाती और झूठे हैं। इन्हें पाकिस्तान ने सुनियोजित तरीके से तैयार करवाया है। जैसा कि हम पहले भी इस बात को बार-बार कह चुके हैं कि भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का OIC को कोई अधिकार नहीं है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं और राजनीति से प्रेरित प्रोपेगेंडा इस सच्चाई को कभी बदल नहीं सकता है।"
उनका आगे कहना है, "धारा 370 को खत्म किए जाने के बाद पिछले कुछ सालों में जम्मू-कश्मीर में उल्लेखनीय आर्थिक विकास हुआ है। इसके साथ ही, बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यटन और कनेक्टिविटी के जरिए वहां के लोगों को सीधे फायदा मिला है।"
पाकिस्तान के कब्जे वाली जमीन पर दी प्रतिक्रिया
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए बताया, "यह स्थिति पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) की स्थिति के बिल्कुल उलट है, जहां पाकिस्तान ने नागरिक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा, दमन और बर्बरता को अंजाम दिया है। महिलाओं और बच्चों समेत सैकड़ों लोगों की हत्या की है। मीडिया पर लगाए गए किसी भी प्रतिबंध से मानवाधिकारों के इन गंभीर उल्लंघनों को छिपाया नहीं जा सकता है।"
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उन्होंने बताया, "जम्मू-कश्मीर से जुड़े अब सिर्फ दो ही मुद्दों का समाधान होना बाकी है, जिनमें पहला, पाकिस्तान द्वारा उन इलाकों को खाली करना है, जिन पर उसने अवैध और जबरन कब्जा कर रखा है। दूसरा, सीमा पार आतंकवाद को लगातार अपना समर्थन देना बंद करना है।"
OIC के भारत विरोधी प्रस्तावों पर पाकिस्तान को घेरा
रणधीर जायसवाल का कहना है, "OIC के प्रस्तावों में भारत के खिलाफ की गई अन्य मनगढ़ंत और शत्रुतापूर्ण बातें, जिनमें इस्लामोफोबिया (इस्लाम के प्रति डर या नफरत) से जुड़े आरोप भी शामिल हैं, पाकिस्तान की एक हताश कोशिश है। इसके जरिए वह अंतरराष्ट्रीय ध्यान अपने खुद के खराब रिकॉर्ड से हटाना चाहता है, जिसमें अल्पसंख्यकों पर अत्याचार, सांप्रदायिक हिंसा, शासन की विफलता और राजनीतिक अस्थिरता शामिल हैं।"
उन्होंने यह भी बताया, "पाकिस्तान की तरफ से फैलाए जा रहे दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार और नैरेटिव का OIC की ओर से बार-बार समर्थन करना संगठन की विश्वसनीयता और ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हमें उम्मीद है कि उसके सदस्य बेहतर कदम उठाएंगे और इस संगठन में सुधार लाएंगे।"
Created On :   19 Oct 2026 8:15 PM IST













