'तहलका' के संस्थापक का बड़ा कदम: 2013 दुष्कर्म मामले में तरुण तेजपाल ने किया सरेंडर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पहुंचे मापुसा कोर्ट

2013 दुष्कर्म मामले में तरुण तेजपाल ने किया सरेंडर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पहुंचे मापुसा कोर्ट
तहलका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल ने 2013 के दुष्कर्म मामले में गोवा की मापुसा अदालत में सरेंडर कर दिया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उठाया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 'तहलका' पत्रिका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल ने सोमवार को गोवा की मापुसा अदालत में सरेंडर कर दिया। यह मामला साल 2013 में एक महिला पत्रकार की शिकायत से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने तेजपाल को 3 हफ्ते के अंदर सरेंडर करने को कहा गया था। कोर्ट ने साफ किया था कि उनकी अपील पर आगे सुनवाई से पहले उन्हें अदालत के सामने पेश होना होगा। तेजपाल ने इससे पहले सरेंडर से राहत देने की मांग की थी लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने सोमवार को मापुसा अदालत पहुंचकर आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी कर ली है।

होटल की लिफ्ट में महिला पत्रकार ने लगाए थे आरोप

न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला नवंबर 2013 का है। एक महिला पत्रकार ने तेजपाल पर गोवा के एक होटल में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। शिकायत के मुताबिक, घटना 7 और 8 नवंबर 2013 को होटल की लिफ्ट में हुई थी। मामले के बाद पुलिस ने 30 नवंबर 2013 को तेजपाल को गिरफ्तार किया था।

सरेंडर से पहले राहत चाहते थे तेजपाल

तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका देकर कहा था कि उनकी अपील पर पहले सुनवाई होनी चाहिए। उनका कहना था कि अपील की सुनवाई से पहले उन्हें जेल जाने की जरूरत पर फैसला किया जाए। उनकी तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने अदालत में दलील दी थी कि कुछ मामलों में कोर्ट सरेंडर की शर्त से राहत दे सकता है। उन्होंने कहा था कि आरोपी के सरेंडर से पहले भी उसकी आपराधिक अपील को सुनवाई के लिए लिया जा सकता है।

गोवा सरकार ने राहत का किया विरोध

आपको बता दें कि, गोवा सरकार ने तेजपाल की मांग का विरोध किया था। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में अपना पक्ष रखा था। उन्होंने मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए कहा था कि इस मामले में सजा 10 साल के कठोर कारावास की है। सरकार का कहना था कि सरेंडर से राहत देने से पहले पूरे मामले को ध्यान में रखना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल की सरेंडर से छूट की मांग को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद उन्हें तय समय के भीतर मापुसा अदालत के सामने पेश होना पड़ा।

Created On :   14 Sept 2026 3:02 PM IST

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