फायरिंग करने से पहले पूछा नाम: कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो युवकों की मौत, ईंट भट्टे पर करते थे मजदूरी

कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो युवकों की मौत, ईंट भट्टे पर करते थे मजदूरी
आतंकी हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-ताइबा (एलईटी) के शैडो संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है, गंभीर रूप से घायल दूसरे युवक ने भी तोड़ा दम

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार देर शाम हुए आतंकी हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जिन दोनों लोगों की मौत हुई है,वो छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे है। पुलिस ने दोनों मृतकों के घर सूचना दे दी है। परिजन कश्मीर के लिए रवाना हो गए हैं। बताया जा रहा है कि आतंकी प्रवासी मजदूर, निहत्थे लोग, अल्पसंख्यक सुमदाय का निशाना बनाकर डर पैदा करना चाहते है। इससे क्षेत्र की शांति व विकास बाधित होगा।

आतंकी हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-ताइबा (एलईटी) के शैडो संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। घाटी में 10 दिनों के भीतर टारगेट किलिंग की यह दूसरी बड़ी घटना है। जांच एजेंसियां टारगेट किलिंग के मकसद तलाश रही है, कुछ लोग बता रहे है कि इसके पीछे घाटी में खौफ पैदा करने की साजिश बता रहे है। स्थानीय पुलिस के अनुसार दीपक के पिता उमाशंकर रात्रे व भुपेंद्र के दशरथ हैं। दोनों के घर सूचना दे दी गई है। परिजन कश्मीर के लिए रवाना हो गए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक आतंकियों ने ईंट भट्ठे पर काम कर रहे मजदूरों पर फायरिंग की, जिसमे एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा मजदूर घायल हो गया था, जिसे जीएमसी अनंतनाग लाया गया, गंभीर हालात होने की वजह से उसे एसकेआईएमएस श्रीनगर रेफर, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। जिन दो मजदूरों की मौत हुई है, इनके नाम 24 वर्षीय दीपक रात्रे और 28 वर्षीय भूपेंद्र है। के हमले में घायल दूसरे प्रवासी मजदूर ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके सीने में गोली लगी थी। इस हमले में अब दोनों मजदूरों की मौत हो चुकी है। दोनों छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे और कुलगाम के केलम इलाके में एक ईंट भट्ठे पर काम करते थे। खबरों से मिली जानकारी के अनुसार आतंकियों ने गोली चलाने से पहले मजदूरों के नाम भी पूछे थे।

Created On :   1 Aug 2026 11:17 AM IST

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