कौन हैं परकला प्रभाकर?: पत्नी वित्त मंत्री, पति मोदी सरकार के आलोचक, अब SIR के खिलाफ उतरेंगे, इस पूर्व PM के रहे करीबी

पत्नी वित्त मंत्री, पति मोदी सरकार के आलोचक, अब SIR के खिलाफ उतरेंगे, इस पूर्व PM के रहे करीबी
23 अक्टूबर को 'पीपुल्स मार्च टू रिस्टोर डेमोक्रेसी' के तहत SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन होने वाला है। इसमें मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के पति डॉ. परकला प्रभाकर भी शामिल हो रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 23 अक्टूबर को 'पीपुल्स मार्च टू रिस्टोर डेमोक्रेसी' के तहत SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन होने वाला है। इसमें मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के पति डॉ. परकला प्रभाकर भी शामिल हो रहे हैं। इससे पहले भी वह मोदी सरकार की नोटबंदी की जमकर आलोचना कर चुके हैं। ऐसे में समझते हैं कि कौन हैं परकला प्रभाकर, जो बड़ी-बड़ी पार्टियों के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके हैं। इसमें यह भी समझेंगे कि निर्मला सीतारमण और प्रभाकर की पहली मुलाकात कहां हुई थी।

विरोध-प्रदर्शन से पहले दिया यह संदेश

विरोध-प्रदर्शन से दो दिन पहले यानी बुधवार (21 अक्टूबर) को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, "हर गली में जंतर-मंतर! शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को लोकतंत्र की बहाली के लिए जन मार्च है। आइए, चुनौती का सामना करने के लिए खड़े हों।" उन्होंने आगे बताया था कि चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के विरोध में 'पीपुल्स मार्च टू रिस्टोर डेमोक्रेसी' निकाला जा रहा है, जिसमें वह खुद भी शामिल हो रहे हैं। साथ ही, उन्होंने देशवासियों से भी इसमें जुड़ने की अपील की है।

परकला प्रभाकर की शिक्षा

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर ने विजयवाड़ा के आंध्र लोयोला कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की। यहां से पढ़ाई पूरी करने के बाद वह दिल्ली चले गए और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से एमए और एमफिल की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स गए, जहां से उन्होंने 1991 में अर्थशास्त्र में पीएचडी की।

निर्मला-परकला की पहली मुलाकात

टाइम्स ऑफ इंडिया में जुलाई 2014 में एक खबर छपी थी। इसके मुताबिक, प्रभाकर अपने पिता की तरह राजनीति में सफल नहीं हो पाए। इसके बाद वह अर्थशास्त्र की पढ़ाई के लिए जेएनयू पहुंचे। यहीं पर उनकी मुलाकात निर्मला सीतारमण से हुई। दोनों जेएनयू के 'फ्रीथिंकर्स' नाम के समूह में शामिल हुए। इस समूह में अलग-अलग राजनीतिक विचारों पर बातचीत होती थी।

दोनों ने कब की शादी

इस दौरान दोनों करीब आए और शादी कर ली। इसके बाद परकला प्रभाकर लंदन चले गए और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पीएचडी की डिग्री हासिल की। वहीं, निर्मला सीतारमण ने कुछ समय बाद डेकोर की एक दुकान में सेल्स का काम किया। कुछ समय बाद वह प्राइसवाटरहाउसकूपर्स में पूर्वी यूरोप की अर्थव्यवस्थाओं पर रिसर्च करने लगीं। भारत सरकार के आर्थिक विभाग की वेबसाइट के मुताबिक, दोनों ने 12 सितंबर 1986 को शादी की थी।

परकला प्रभाकर का राजनीतिक सफर

परकला प्रभाकर ने पहली बार 1994 में कांग्रेस के टिकट पर आंध्र प्रदेश की नरसापुर सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह जीत नहीं पाए। इसके बाद उनके पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के साथ करीबी संबंध बने। हालांकि, करीबी संबंध होने के बावजूद उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़ दिया और बीजेपी में शामिल हो गए।

इसके बाद उन्होंने 2008 में अभिनेता से नेता बने चिरंजीवी के साथ मिलकर प्रजा राज्यम पार्टी बनाई। वह इसके संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। बाद में वह पार्टी से निराश हो गए और उससे दूरी बना ली। उनका परिवार राजनीति से जुड़ा रहा। उनकी मां परकला कालिकाम्बा कांग्रेस की विधायक थीं, जबकि उनके पिता परकला शेषावतारम 1970 के दशक में कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल थे।

अपनी किताब में नोटबंदी की आलोचना

परकला प्रभाकर ने सितंबर 2023 में अपनी किताब 'द क्रुक्ड टिम्बर ऑफ न्यू इंडिया' का जिक्र करते हुए बताया था कि उन्होंने इसमें नोटबंदी पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि अगर नोटबंदी से सुशासन को किसी प्रकार का फायदा हुआ होता, तो केंद्र सरकार इसकी उपलब्धियां गिनाती और जमकर प्रचार करती। उन्होंने यह भी बताया था कि व्यापारी काला धन नकद रखने के बजाय जमीन और संपत्ति खरीद लेते हैं। ऐसे में नोटबंदी से काले धन पर लगाम लगाने का दावा सही नहीं है।

Created On :   22 Oct 2026 9:25 PM IST

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