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आषाढ़ कृष्ण पक्ष अमावस्या , भगवान शिव की पूजा का है विशेष विधान

July 06th, 2018 20:28 IST
आषाढ़ कृष्ण पक्ष अमावस्या , भगवान शिव की पूजा का है विशेष विधान

डिजिटल डेस्क । आषाढ़ कृष्ण पक्ष की इस अमावस्या को बड़ी स्नान दान अमावस्या भी कहा जाता है। प्रत्येक मास में स्नान दान अमावस्या आती है जो इस माह 13 जुलाई 2018 को है। इस दिन का भारतीय जनजीवन में अत्यधिक महत्व हैं। इस दिन नदी स्नान और तीर्थक्षेत्र में स्नान-दान का विशेष महत्व है। समस्त सुखों की प्राप्ति के लिए कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं। अक्सर यह भी कहा जाता है कि पितृ दोष के लिए अमावस्या पर पूजा करने का विशेष महत्व है, लेकिन अमावस्या पर क्या किया जाए और कैसे किया जाए ? यह स्पष्ट रूप से कोई नहीं बताता। इस दिन स्नान कर भगवान शिव के पूजन का विधान है। 

प्रातः काल किसी नदी या सरोवर पर स्नान कर भगवान शंकर, पार्वती और तुलसी की ग्यारहा परिक्रमा करें और प्रत्येक परिक्रमा में कोई वस्तु चढ़ायें। इसके पश्चात वे सभी वस्तुयें किसी योग्य पात्र को दान करें। दिनभर भगवान शंकर के मंत्रों का मानसिक जाप करते हुए सायंकाल पुनः सरसों के तेल का दीपक पीपल के वृक्ष पर जलाकर व्रत संपन्न करें। ऐसा करने पर जीवन से दुख दूर होकर जीवन में सुख तथा विवाद की समाप्ति होकर जीवन तनाव मुक्त होता है। जीवन में अभाव तथा दरिद्रता से पीडि़त लोग आज के दिन भगवती की उपासना करके सभी अभावों(कमी) से मुक्त हो सकते हैं। 

इस दिन प्रातःकाल स्नान संकल्पपूर्वक व्रत करना चाहिए तथा विष्णुकांता के नीले पुष्प चढ़ाकर भगवती की प्रसन्नता के लिए धी, दूध तथा सुहाग की सामग्री एवं शहद और लाल वस्त्र का दान करना चाहिए। इस दिन जातक को यथा शक्ति दान करना चाहिए एवं योग्य दुखी पात्र की अपने हाथो से सेवा करनी चाहिए। ऐसा करने से सभी मनोरथ संपन्न होते हैं।
 

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विशेष अचूक उपाय-

प्रत्येक अमावस्या के दिन दक्षिण मुख होकर दिवंगत पितरों (मृत आत्मा) के लिए पितृ तर्पण करना चाहिए। पितृ स्तोत्र या पितृ सूक्त का पाठ करना चाहिए। प्रत्येक अमावस्या के दिन अपने पितरों का ध्यान करते हुए पीपल के वृक्ष पर शक्कर मिला दही, थोड़ा गंगाजल, काले तिल, चीनी, चावल, जल तथा नीले पुष्प अर्पित करें और इस मन्त्र का जाप करें |

                       ॐ पितृभ्य: नम:' । 

उसके बाद पितृ सूक्त का पाठ करना शुभ फल प्रदान करता है। प्रत्येक अमावस्या के दिन सूर्य देव को ताम्र पात्र (तांबे के बर्तन) में लाल चंदन, गंगा जल और शुद्ध जल मिलाकर इस बीज मन्त्र का जप करते हुए तीन बार अर्क देना चाहिये ।

                  ॐ पितृभ्य: नम:' ।

इस दिन नीलकंठ स्तोत्र का पाठ करना, सर्पसूक्त पाठ,या श्री नारायण कवच का पाठ करने के बाद ब्राह्मणों को अपने सामर्थ्य के अनुसार दिवंगत (मृत आत्मा) की मन पसंद मिठाई तथा यथा योग्य दक्षिणा सहित भोजन कराना चाहिए। इससे पितृ दोष में कमी आती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन शिवालय (शिव मंदिर) में जाकर भगवान शिव का कच्चे दूध, दही से अभिषेक कर उन्हें काले तिल अर्पित करने का विशेष महत्व है।

इसके साथ ही भगवान श्री हरि विष्णु के मंदिर में पीले रंग की ध्वजा अर्पित करना चाहिए, इससे आपके सारे कष्ट दूर होंगे तथा जीवन में सब कुछ शुभ घटित होने लगेगा। यह आषाढ़ अमावस्या सुख-सौभाग्य और धन-संपत्ति की प्राप्ति के लिए विशेष मानी जाती है। अत: इस दिन यह उपाय अवश्य किए जाने चाहिए।

हमारे धर्मग्रंथों में अमावस्या को बहुत से दुखों तथा द्रारिद हरण का कारक माना जाता है। इस अमावस्या के दिन भूखे प्राणियों को भोजन कराने का विशेष महत्व है। इस दिन आटे की गोलियां बनाएं गोलियां बनाते समय भगवान का नाम लेते रहें। इसके बाद समीप स्थित किसी तालाब या नदी में जाकर ये आटे की गोलियां मछलियों को खिला दें। इस उपाय से आपके जीवन की अनेक परेशानियों का अंत हो सकता है। इस दिन काली चींटियों को शकर मिला हुआ आटा खिलाएं। ऐसा करने से आपके पाप-कर्मों का क्षय होगा और पुण्य-कर्म उदय होंगे। यही पुण्य-कर्म आपकी मनोकामना पूर्ति में सहायक  होंगे।

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जिसे कालसर्प दोष हो, उस व्यक्तियों को अमावस्या के दिन किसी अच्छे ज्ञानी से अपने घर में शिवपूजन एवं हवन करवाना चाहिए। इस दिन कालसर्प दोष निवारण हेतु सुबह स्नान के बाद चांदी से निर्मित नाग-नागिन की पूजा करें। सफेद पुष्प के साथ इसे बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। कालसर्प दोष से राहत पाने का ये अचूक उपाय है |

इसके लिए 1 नींबू को साफ करके सुबह से ही अपने घर के मंदिर में रख दें। फिर रात के समय इसे 7 बार बेरोजगार व्यक्ति के सिर से उतार लें और 4 बराबर भागों में काट लें। फिर एक चौराहे पर जाकर चारों दिशाओं में इसको फेंक दें। इस उपाय से बेरोजगार व्यक्ति को लाभ की संभावना बनेगी। बेरोजगार व्यक्ति अगर अमावस्या की रात ये उपाय करें तो निश्चित ही उसे रोजगार प्राप्त हो सकते हे। 

शाम के समय घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं। दीपक में रूई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें। साथ ही दीपक में थोड़ी-सी केसर भी डाल दें। यह मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का उपाय है। अमावस्या वाली रात्रि को 5 लाल फूल और 5 जलते हुए दीये बहती नदी के जल में प्रवाहित करें। इस उपाय से धन का लाभ प्राप्त होने के प्रबल योग बनेंगे।

अमावस्या की रात्रि अगर आप काले कुत्ते को तेल शक्कर लगी रोटी खिलाते हैं और उसी समय वह कुत्ता यह रोटी खा लेता है तो इस उपाय से आपके सभी दुश्मन उसी समय से शांत होना आरंभ हो जाएंगे।

ध्यान देने योग्य - इस दिन शराब आदि नशे से भी दूर रहना चाहिए। इसके सेवन से आप अपने  शरीर का और अपने भविष्य के दुष्परिणाम को भोग सकते हैं।

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