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अनशन कर आदिवासी वृद्धा ने प्राण त्यागे,पटवारी व शिक्षक ने हड़पी जमीन

अनशन कर आदिवासी वृद्धा ने प्राण त्यागे,पटवारी व शिक्षक ने हड़पी जमीन

डिजिटल डेस्क,अनूपपुर। अनूपपुर जिला बनने के बाद से ही जिला मुख्यालय में अशिक्षित आदिवासियों की भूमि पर गड़बड़ झाले का खेल प्रारंभ हो गया था। अब तक आधा दर्जन मामले सामने आ चुके हैं जिसमें राजस्व के ही कर्मचारियों द्वारा कूटरचना कर आदिवासियों की भूमि को गबन कर दिया गया। 17 मई को जिला मुख्यालय में निवास करने वाली  वृद्धा रामकली कोल की मौत हो गई। मृतिका के पुत्र और दमाद ने एक शिक्षक व पटवारी पर भूमि हथियाने के आरोप लगाए। बीते 3 वर्षों से वृद्धा अपनी भूमि पर कब्जा पाने के लिए तमाम सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट चुकी थी बीते 5 दिनों से इसी चिंता में उसने  खाना छोड़ दिया था। मामले को लेकर अब पूर्व विधायक रामलाल रौतेल द्वारा ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की जा रही है।

यह है मामला 
सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद मृतिका रामकली कोल पूर्व विधायक रामलाल रौतेल के साथ 19 अप्रैल को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना आवेदन दिया था जिसमें उसने  लिखा था कि वह अनपढ़ आदिवासी महिला है। पटवारी गजराज सिंह व शिक्षक कल्याण सिंह के द्वारा उसके आराजी खसरा नं. 75 की 2 एकड़ भूमि को खुर्दबुर्द कराया जा रहा है। कूट रचना कर भूमि का नामान्तरण कल्याण सिंह के नाम पर कर दिया गया है। जहां वह भवन का निर्माण भी प्रारंभ कर दिया है। शिकायत के बाद निर्माण कार्य रोक लगा दिया गया लेकिन नामान्तरण और दस्तावेजों की जांच नहीं की गई।

चिंता में छोड़ा खाना
सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने  व दोनों अतिक्रामक कर्मचारियों द्वारा की जा रही प्रताडऩा के बाद पुलिस  में शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही थी। 10 मई को भी रामकली ने कोतवाली अनूपपुर में कल्याण सिंह के विरूद्ध शिकायत की थी। शिकायत पर पुलिस द्वारा प्रतिबंधात्मक कार्यवाही 107/116 कर दिया गया। जिससे परेशान होकर रामकली ने 13 तारीख से ही  भेाजन छोड़ दिया था। मृतिका के पुत्र विमल व दमाद दयाराम ने दबंगों से परेशान होकर भोजन छोड़ देने की बात बतलाई।  रामकली की मौत के बाद पूर्व विधायक रामलाल रौतेल भी मृतिका के घर पहुंचे जहां उन्होंने बतलाया कि मेरे द्वारा स्वयं ही राजस्व व पुलिस के अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दी गई थी लेकिन मृतिका के संबंध में किसी भी तरह की कार्यवाही  नहीं की गई और चिंता में भोजन छोड़ देने से असमय ही मौत हो गई। मेंरे द्वारा अब ऐसे मामलों को जोर-शोर से उठाया जाएगा। पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया जाएगा।

इनका कहना है
पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। दोषियों पर कार्यवाही होगी। - चन्द्रमोहन ठाकुर, कलेक्टर अनूपपुर
 

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