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Health: सोच समझकर खरीदें फल, ऐसे जानें प्राकृतिक और कार्बाइड से पके फलों में अंतर


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मी का मौसम मतलब चारों तरफ आम और तरबूज जैसे फलों की भरमार। आम और तरबूज का स्वाद चखने के लिए ही तो लोग गर्मी के सीजन का इंतजार करते हैं। इन फलों को खरीदकर लोग चाव से खाते हैं, क्योंकि यह प्राकृतिक फल गर्मियों में हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। वर्तमान में ज्यादातर फलों को केमिकल्स की सहायता से पकाया जाता है,​ जिसके चलते यह हमें फायदे के बदले नुकसान पहुंचाते हैं। आम इंसान के लिए केमिकल्स वाले और प्राकृतिक फलों की पहचान करना मुश्किल होता है, इसलिए हम आपको बता रहे हैं कुछ ट्रिक्स के बारे में, जिससे आप फलों की पहचान कर सकते हैं कि वे प्राकृतिक हैं या केमिकल्स वाले। 

  • फल जल्दी पक जाए इसके लिए केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। फलों को आकार बढ़ाने, उसका वजन बढ़ाने के लिए भी केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही फलों व सब्जियों को तरोताजा रखने के लिए, उन्हें चमकीला बनाए रखने के लिए तथा ज्यादा दिन तक टिकाने के लिए मोम और आर्टिफिशियल कलर का इस्तेमाल किया जाता है।
  • केमिकल्स द्वारा पके हुए फलों में धब्बा होता है और आर्टिफिशियल चमकीला रंग भी होता है। इसके अलावा कार्बाइड से पकाया जाने वाला आम का रंग दो से तीन दिन के भीतर ही पीले से काला होने लगता है।
  • ध्यान रखें कार्बाइड से पकाए फल का स्वाद बीच में मीठा होता है और किनारे से कच्चा होता है, इसलिए ऐसे फल खरीदें जो बगैर दाग धब्बे वाले हो।
  • खाद्य संरक्षक व मानक अधिनियम 2011 की धारा 23.5 के तहत फलों व सब्जियों को कर्बाइड से पकाना बैन हैं। इसका भंडारण, सेल, मार्केटिंग या इंपोर्ट करने वालों के लिए सजा का प्रावधान भी है। इसके बावजूद लोग कार्बाइड से फलों को पकाते हैं और बाजार में धड़ल्ले से बेचते हैं। 
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