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निखत- मैरी कॉम मामले से खेल मंत्री किरण रिजिजू ने बड़ी चालाकी से पल्ला झाड़ा


हाईलाइट

  • निखत के ट्वीटर पर शेयर किए गए पोस्ट पर खेल मंत्री किरण रिजिजू ने दिया जवाब
  • रिजिजू ने कहा- मैं निश्चित रूप से बॉक्सिंग फेडरेशन को अवगत कराऊंगा ताकि राष्ट्र, खेल और एथलीटों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए सर्वश्रेष्ठ निर्णय लिया जा सके
  • निखत ने कहा था कि, वह ट्रायल्स न होने की खबर सुनकर निराश हैं और इसलिए खेल मंत्री को पत्र लिखेंगी
  • BFI के अध्यक्ष ने ओलंपिक क्वालीफायर के लिए ट्रायल आयोजित न करने और मैरी कॉम को सीधे प्रवेश देने की बात कही थी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह द्वारा ओलंपिक क्वालीफायर के लिए ट्रायल आयोजित न करने और 51 किलोग्राम भारवर्ग में एमसी मैरी कॉम को सीधे प्रवेश देने के बयान के बाद महिला मुक्केबाज निखत जरीन ने देश के खेल मंत्री किरण रिजिजू को पत्र लिखा था। निखत ने अपने पत्र में खेल मंत्री से पारदर्शिता बरतने की गुहार लगाई थी। निखत ने बुधवार को कहा था कि, वह ट्रायल्स न होने की खबर सुनकर निराश हैं और इसलिए खेल मंत्री को पत्र लिखेंगी। उन्होंने गुरुवार को रिजिजू को पत्र लिखा, जिसे उन्होंने ट्वीटर पर भी शेयर किया था। 

निखत के ट्वीटर पर शेयर किए गए पोस्ट पर खेल मंत्री किरण रिजिजू ने शुक्रवार को जवाब देते हुए ट्वीट कर लिखा, मैं निश्चित रूप से मुक्केबाजी महासंघ को इस मामले से अवगत कराऊंगा ताकी वह देश के हितों को ध्यान में रखते हुए सही निर्णय ले पाए। हालांकि रिजिजू ने यह भी स्पष्ट किया कि, एक मंत्री को खेल महासंघों द्वारा खिलाड़ियों को चुने जाने की प्रक्रिया में शामिल नहीं होना चाहिए। ओलंपिक चार्टर के अनुसार वे स्वायत्त हैं। दूसरी ओर, मैरी कॉम ने कहा है कि वे बीएफआई के निर्णय को पूरी तरह मानेंगी।

निखत ने ट्वीट कर लिखा था, मैं सिर्फ एक सही मौका चाहती हूं। मैं जिस चीज के लिए अभ्यास कर रही हूं उसके लिए मुझे मौका नहीं मिला तो क्या मतलब। खेल का मतलब सभी के साथ ईमानदारी से पेश आना है। मैं अपने देश पर भरोसा नहीं खोना चाहती। जय हिंद। 

निखत ने अपने पत्र में अमेरिका के दिग्गज तैराक माइकल फेल्प्स का जिक्र किया है जिन्हें ओलंपिक खेलने के लिए हर बार ट्रायल्स से गुजरना पड़ता था। साथ ही निखत ने यह भी लिखा है कि मैरी कॉम उनके लिए आदर्श हैं।

निखत ने लिखा, मैं जब छोटी थी तब मैं मैरी कॉम से प्रभावित हुई थी। इस प्रेरणा के साथ न्याय करने का एक ही तरीका था कि मैं उन जैसी मुक्केबाज बनूं। और मैरी कॉम खेल में प्रतिस्पर्धा से छुपने के लिए और अपना ओलम्पिक क्वालीफिकेशन बचाने के लिहाज से बहुत बड़ा नाम हैं। उन्होंने लिखा, 23 बार के गोल्ड मेडल विजेता माइकल फेल्प्स को भी ओलंपिक के लिए हर बार क्वालीफाई करना पड़ा था, हम सभी को भी यही करना चाहिए।

तेलंगाना की रहने वाली इस मुक्केबाज ने लिखा, मैं आपको एक महिला खिलाड़ी के तौर पर यह पत्र लिख रही हूं जो खेल में अपनी पहचान बनाना चाहती है और देश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाना चाहती है।

निखत को ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट निशानेबाज अभिनव बिंद्रा का भी समर्थन मिला है। उन्होंने निखत के ट्वीट को रिट्वीट किया है। बिंद्रा ने लिखा, मैं मैरी कॉम का बहुत सम्मान करता हूं। हकीकत यह है कि एक खिलाड़ी को अपनी जिंदगी में हर दिन प्रमाण देना पड़ता है और वह प्रमाण यह होता है कि हम कल से भी अच्छे आज हैं। खेल में बीता कल गिना नहीं जाता।

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