बीडब्ल्यूएफ ने 3x15-प्वाइंट सिस्टम को मंजूरी दी, जनवरी 2027 से होगा लागू

बीडब्ल्यूएफ ने 3x15-प्वाइंट सिस्टम को मंजूरी दी, जनवरी 2027 से होगा लागू
बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) ने शनिवार को खेलों में स्कोरिंग के तरीके में एक बड़े बदलाव को मंजूरी दे दी। जनवरी 2027 से, इसके सदस्य संघों से मिले भारी समर्थन के बाद, एक नया 3x15-प्वाइंट सिस्टम इस्तेमाल किया जाएगा।

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) ने शनिवार को खेलों में स्कोरिंग के तरीके में एक बड़े बदलाव को मंजूरी दे दी। जनवरी 2027 से, इसके सदस्य संघों से मिले भारी समर्थन के बाद, एक नया 3x15-प्वाइंट सिस्टम इस्तेमाल किया जाएगा।

डेनमार्क के हॉर्सेंस में बीडब्ल्यूएफ की सालाना आम बैठक में, यह प्रस्ताव 198-43 के स्पष्ट वोटों से पास हो गया। यह लंबे समय से चले आ रहे 3x21-प्वाइंट फॉर्मेट को बदलने के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत से कहीं ज्यादा है।

बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ने खेल को अधिक आधुनिक बनाने की अपनी कोशिशों के तहत एक साल से ज्यादा समय तक कुछ टूर्नामेंट्स में परीक्षण करने के बाद यह बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत मुकाबले अब 15 अंकों तक बेस्ट-ऑफ-थ्री गेम्स में खेले जाएंगे, लेकिन अगर स्कोर बराबरी पर रहता है, तो गेम 21 अंकों तक जा सकता है।

बीडब्ल्यूएफ का मानना है कि इस बदलाव से मुकाबले छोटे, तेज और दर्शकों के लिए ज्यादा रोमांचक बनेंगे। साथ ही खिलाड़ियों पर पड़ने वाला शारीरिक दबाव भी कम होगा और उन्हें बेहतर रिकवरी का मौका मिलेगा।

इस गवर्निंग बॉडी ने कहा है कि मुकाबलों को छोटा करने से खिलाड़ियों को रिकवर करने में मदद मिल सकती है, उनकी थकान कम हो सकती है, और शायद उनके करियर की अवधि भी बढ़ सकती है। इस आसान फॉर्मेट से टूर्नामेंट्स का शेड्यूल बनाना भी आसान हो जाएगा और ब्रॉडकास्टर्स को ज्यादा नियमित कवरेज मिल पाएगी।

बीडब्ल्यूएफ के 'बैडमिंटन के वैकल्पिक नियम' में इस सिस्टम का इस्तेमाल पहले से ही किया जा रहा है। इसकी टेस्टिंग राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, ग्रेड 3 इवेंट्स और पिछले साल गुवाहाटी में हुई वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में की गई थी। यह सिस्टम को सभी के लिए उपलब्ध कराने से पहले एक तरह का ट्रायल रन था।

मजबूत संस्थागत समर्थन के बावजूद इस बदलाव ने बैडमिंटन जगत में बहस छेड़ दी है। वर्ल्ड नंबर-1 शि यूकी ने चिंता जताई है कि छोटा फॉर्मेट उम्रदराज और अधिक अनुभवी खिलाड़ियों को फायदा पहुंचा सकता है।

एंडर्स एंटोनसेन ने भी इसी तरह की आशंकाएं जताईं। दुनिया के नंबर 2 खिलाड़ी एंटोनसेन का मानना है कि यह प्रणाली शारीरिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। हालांकि, प्रस्तावित सिस्टम को उभरते हुए और निचली रैंकिंग वाले खिलाड़ियों का समर्थन मिला है। उनका मानना है कि इससे मुकाबला ज्यादा बराबरी का होगा और उन्हें स्थापित सितारों को चुनौती देने का बेहतर मौका मिलेगा।

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Created On :   25 April 2026 11:53 PM IST

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