मध्य प्रदेश में महिला के अपमान का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया

मध्य प्रदेश में महिला के अपमान का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में एक महिला के कथित सार्वजनिक अपमान से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है। महिला पर किसी और के साथ भाग जाने के आरोप था, जिसकी सजा के तौर पर ग्रामीणों ने उसके पति को उसके कंधों पर बैठाकर घुमाया था।

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में एक महिला के कथित सार्वजनिक अपमान से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है। महिला पर किसी और के साथ भाग जाने के आरोप था, जिसकी सजा के तौर पर ग्रामीणों ने उसके पति को उसके कंधों पर बैठाकर घुमाया था।

एनएचआरसी ने पाया कि यदि रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है। इसलिए उसने झाबुआ के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एनएचआरसी ने कहा कि रिपोर्ट में जांच की स्थिति और पीड़िता को दिए गए मुआवजे (यदि कोई हो) का विवरण शामिल होना चाहिए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 13 अप्रैल को घटी थी और इसमें कथित तौर पर ग्रामीणों द्वारा महिला का सिर मुंडवा दिया गया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया।

रिपोर्टों के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने महिला का पता लगाया, उसे सुरक्षा प्रदान की और मामले में एफआईआर दर्ज की। इस घटना के संबंध में कुछ गिरफ्तारियां भी की गई हैं।

एक अन्य मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने ओडिशा के गजपति जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का लोहे का गेट गिरने से दो छात्राओं की मौत से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है। मानवाधिकारों की सर्वोच्च संस्था ने ओडिशा के मुख्य सचिव और गजपति के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 15 अप्रैल को हुई जब लड़कियां स्कूल के प्रवेश द्वार के पास खेल रही थीं और गेट गिरने के बाद मलबे के नीचे दब गईं।

स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत पास के अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पाया है कि यदि रिपोर्ट में उल्लिखित बातें सच हैं, तो वे पीड़ितों के मानवाधिकारों के उल्लंघन की ओर ले जाने वाली गंभीर चूक का संकेत देती हैं और मामले की आगे की जांच के लिए अधिकारियों से एक व्यापक रिपोर्ट मांगी है।

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Created On :   24 April 2026 6:08 PM IST

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