जम्मू-कश्मीर एनआईए ने जैश-ए-मोहम्मद आतंकी की संपत्तियां जब्त की

जम्मू-कश्मीर एनआईए ने जैश-ए-मोहम्मद आतंकी की संपत्तियां जब्त की
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक आतंकी की कई संपत्तियां जब्त कर लीं। यह कार्रवाई 2017 में सीआरपीएफ शिविर पर हुए फिदायीन हमले से संबंधित है, जिसमें पांच अर्धसैनिक जवान शहीद हो गए थे और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक आतंकी की कई संपत्तियां जब्त कर लीं। यह कार्रवाई 2017 में सीआरपीएफ शिविर पर हुए फिदायीन हमले से संबंधित है, जिसमें पांच अर्धसैनिक जवान शहीद हो गए थे और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

जम्मू स्थित एनआईए विशेष न्यायालय के हालिया आदेशों के अनुसरण में, 1967 के शहरी अतिक्रमण अधिनियम की धारा 33 (1) के तहत की गई यह कुर्की कार्रवाई, जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

एनआईए द्वारा जब्त की गई अचल संपत्तियों में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा पुलिस थाना क्षेत्र के लेथपोरा में कई जमीन के टुकड़े और आवासीय परिसर शामिल हैं।

आतंकवाद से प्राप्त आय मानी जाने वाली ये संपत्तियां आरोपी फैयाज अहमद मगरे की थीं। लेथपोरा निवासी फैयाज को फरवरी 2019 में केस के संबंध में गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने अगस्त 2019 में उन पर आरपीसी और यूए (पी) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए थे, और उनके खिलाफ मुकदमा अभी जारी है।

लेथपोरा स्थित सीआरपीएफ शिविर पर 30 दिसंबर 2017 की रात को अत्याधुनिक हथियारों, विस्फोटकों और गोला-बारूद से लैस तीन अज्ञात आतंकवादियों ने हमला किया था। तीनों जबरन शिविर में घुस गए और वहां मौजूद कर्मियों पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वे मारे गए।

एनआईए की जांच में पता चला कि फैयाज दक्षिण कश्मीर में प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन का एक सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) था। वह सीआरपीएफ केंद्र पर घातक हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने वाले आतंकवादियों के साथ बैठकों में शामिल था। नूर मोहम्मद तांत्रे और मुदासिर अहमद खान नामक दो अन्य जैश-ए-कर्मियों के साथ मिलकर उसने लक्षित शिविर की रेकी की थी, साथ ही मुदासिर के लिए हथियार जुटाए थे और बाद में उसे लेथपोरा से भागने में मदद की थी। सीआरपीएफ शिविर पर हमले से पहले नूर मोहम्मद सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था, जबकि मुदासिर बाद में एक अन्य मुठभेड़ में मारा गया।

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Created On :   22 April 2026 9:28 PM IST

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