झारखंड में 2015 की सिपाही भर्ती परीक्षा के मामले में हाई कोर्ट ने जेएसएससी से मांगा जवाब

झारखंड में 2015 की सिपाही भर्ती परीक्षा के मामले में हाई कोर्ट ने जेएसएससी से मांगा जवाब
झारखंड में वर्ष 2015 की सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने के बाद भी नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों ने खाली पदों पर बहाली की उम्मीद में झारखंड हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने अविनाश कुमार और अन्य की याचिका पर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को नोटिस जारी कर छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।

रांची, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। झारखंड में वर्ष 2015 की सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने के बाद भी नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों ने खाली पदों पर बहाली की उम्मीद में झारखंड हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने अविनाश कुमार और अन्य की याचिका पर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को नोटिस जारी कर छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि विज्ञापन संख्या 4/2015 के तहत सिपाही के 7,272 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन 1,518 पद अब भी रिक्त हैं। प्रार्थियों ने इन पदों पर नियुक्ति की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश का हवाला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 21 अगस्त 2026 को जितेंद्र कुमार शर्मा और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए संबंधित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया चार सप्ताह में पूरी करने और नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया था।

यह आदेश उन अभ्यर्थियों के मामले में था, जो संबंधित कानूनी कार्यवाही में शामिल थे। शीर्ष अदालत ने अपने निर्देशों का दायरा भी स्पष्ट किया था। इसी फैसले का हवाला देते हुए मौजूदा याचिका के प्रार्थियों ने भी रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए विचार किए जाने की मांग की है। उनका पक्ष है कि भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में सफल होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं मिली।

अब वे चाहते हैं कि रिक्त पदों को भरने के मामले में उनके दावे पर भी विचार किया जाए। वर्ष 2015 की इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का कानूनी संघर्ष लंबे समय से जारी है। चयन प्रक्रिया के बाद पद खाली रह जाने और नियुक्ति नहीं होने का मुद्दा अदालतों तक पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद इस भर्ती से जुड़े अन्य अभ्यर्थियों ने भी नियुक्ति की मांग उठाई है।

हालांकि, हाई कोर्ट में मौजूदा याचिका पर अभी केवल जेएसएससी से जवाब मांगा गया है। अब आयोग के जवाब और 9 दिसंबर को होने वाली सुनवाई पर अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हैं।

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Created On :   16 Oct 2026 5:29 PM IST

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