लाभार्थियों ने कहा, पीएम विश्वकर्मा योजना ने जीवन बदल दिया
आगरा, 19 जून (आईएएनएस)। आगरा में आयोजित प्रथम ब्रिक्स एमएसएमई फोरम एवं तृतीय एसएमई वर्किंग ग्रुप की बैठक में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों ने अपनी पारंपरिक कला और शिल्पकारी का प्रदर्शन किया। आयोजन स्थल पर पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों ने स्टॉल भी लगाए।
लाभार्थी सनी स्वामी ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि मैं लेदर के काम से जुड़ा हूं। मैं लेदर से बनने वाले सभी तरह के प्रोडक्ट्स, खासकर लेदर के खिलौने बनाने का काम करता हूं। मैं पिछले 10 सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत हमने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया। उसके बाद ट्रेनिंग के दौरान हमें टूलकिट का इस्तेमाल करना सिखाया गया, क्योंकि पूरा प्रोडक्ट हाथ से ही बनाया जाता है। हमें टूलकिट भी दी गई, जिससे हमें बहुत फायदा हुआ। विश्वकर्मा योजना से जुड़ने के बाद हमें ऑनलाइन सिस्टम पर एक अच्छा प्लेटफॉर्म मिला, जिससे हम अपने काम को और आगे बढ़ा सकते हैं। यह योजना से शुरू करने के बाद हमें काफी लाभ हुआ है। हम लोग इस योजना तहत अपना काम आगे तक बढ़ा सकते हैं।
लाभार्थी अब्दुल खादर ने कहा कि हम चन्नापटना में लकड़ी के खिलौने बनाते हैं। चन्नापटना बेंगलुरु से 60 किलोमीटर दूर है। हम वहां लकड़ी के खिलौने बनाते हैं। विश्वकर्मा योजना के तहत हमें टूलकिट और लोन मिला। साथ ही अलग-अलग तरह के खिलौने बनाने का अनुभव भी मिला।
लाभार्थी और ढोकरा कलाकार अलीम जादूपाटिया ने कहा कि मुझे पीएम विश्वकर्मा से जुड़े हुए डेढ़ साल हो गए हैं। इन डेढ़ सालों में मुझे बहुत फायदा हुआ है। जब से मैं पीएम विश्वकर्मा से जुड़ा और इस योजना के तहत ट्रेनिंग ली, तब से यह हर तरह से फायदेमंद रहा है। मुझे पीएम विश्वकर्मा के जरिए एक टूलकिट भी मिली। दिल्ली हाट में भी हम अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाने के लिए गए थे।
लाभार्थी ने आगे कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों में हमें बुलाना चाहिए, क्योंकि इससे बाजार बढ़ता है। पीएम विश्वकर्मा योजना से मुझे एक लाख रुपए का लोन मिला। मुझे लगता है कि आज जीवन में जो बदलाव आया, उसके पीछे इसी योजना का महत्वपूर्ण रोल है।
लाभार्थी और सॉफ्ट स्टोन स्कल्पचर (मुलायम पत्थर की नक्काशी) कलाकार पूजा झारिया ने कहा कि मुझे योजना के बारे में सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला। इसके बाद पूरी जानकारी जुटाने के बाद मैंने फॉर्म भरा। इसके जरिए मुझे ट्रेनिंग मिली। मुझे पीएम विश्वकर्मा योजना से पहले चरण में 1 लाख रुपए का लोन मिला, जिससे मुझे अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने में बहुत लाभ हुआ।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम में बुलाए जाने से हमें काफी लाभ हो रहा है। हाथों से बनाए उत्पाद जो कल तक लोकल में ही सीमित थे, उनकी पहचान अब दूसरे शहरों में भी हो रही है।
उन्होंने कहा कि आगरा पहली बार आई हूं, मुझे बहुत खुशी हो रही है।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   19 Jun 2026 9:50 PM IST











