लखनऊ क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, 1.3 करोड़ रुपए के जीएसटी फ्रॉड मामले में आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, 1.3 करोड़ रुपए के जीएसटी फ्रॉड मामले में आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ क्राइम ब्रांच पुलिस ने बुधवार को फर्जी जीएसटी फर्मों का संचालन करने वाले अपराधियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई में बड़ी सफलता हासिल की। ​​जीएसटी कर चोरी करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया गया, जिसने फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपए के धोखाधड़ी वाले लेनदेन किए हैं।

लखनऊ, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। लखनऊ क्राइम ब्रांच पुलिस ने बुधवार को फर्जी जीएसटी फर्मों का संचालन करने वाले अपराधियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई में बड़ी सफलता हासिल की। ​​जीएसटी कर चोरी करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया गया, जिसने फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपए के धोखाधड़ी वाले लेनदेन किए हैं।

लखनऊ क्राइम ब्रांच की एडीसीपी किरण यादव ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने 1.3 करोड़ रुपए के जीएसटी फ्रॉड मामले में लखीमपुर खीरी निवासी अभियुक्त रविंद्रा गिरी को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस पूछताछ में अपराधी ने बताया कि आम जनमानस को मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर उनके ओरिजिनल डॉक्यूमेंट जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड उनसे लेता था और उन डॉक्यूमेंट को लेकर सिम खरीदता था और फर्जी जीएसटी बनाता था। उन्होंने बताया कि मामले में पूछताछ जारी है, अन्य अभियुक्त की तलाश की जा रही है। इस गिरोह में शामिल अन्य अपराधियों की भी जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

मार्च में इसी प्रकार का एक और मामला का खुलासा करते हुए जनपद गौतमबुद्धनगर में राज्य कर विभाग ने बोगस (फर्जी) फर्मों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए टैक्स चोरी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया था। उपायुक्त (प्रशासन) राज्य कर, नोएडा, ने विभाग द्वारा चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान बड़ी संख्या में फर्जी कंपनियों का पर्दाफाश किया, जो केवल कागजों पर संचालित होकर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रही थीं।

गौतमबुद्धनगर जोन, नोएडा द्वारा पंजीकृत फर्मों की गहन जांच और भौतिक सत्यापन (रेकी) के दौरान, राज्य क्षेत्राधिकार के अंतर्गत पंजीकृत 20 फर्म और केंद्रीय क्षेत्राधिकार के तहत पंजीकृत 60 फर्म पूरी तरह से बोगस या अस्तित्वहीन पाई गईं। जांच में सामने आया कि इन फर्मों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी से जीएसटी पंजीकरण प्राप्त किया था, जिसका उद्देश्य कर चोरी करना था।

विभाग ने तत्काल प्रभाव से इन सभी फर्मों के पंजीकरण निरस्त कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि इन फर्जी फर्मों ने करीब 1027 अन्य फर्मों को लगभग 637 करोड़ रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास की थी। इसमें से 455 फर्म उत्तर प्रदेश में और 574 अन्य राज्यों में पंजीकृत थे।

--आईएनएस

डीके/वीसी

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Created On :   22 April 2026 7:38 PM IST

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