केरल चुनाव मलप्पुरम कलेक्टर ने 'गल्फ ऑफर' पर रिपोर्ट मांगी

केरल चुनाव  मलप्पुरम कलेक्टर ने गल्फ ऑफर पर रिपोर्ट मांगी
केरल के मलप्पुरम जिले में चुनावी माहौल के बीच जिला कलेक्टर ने आदर्श आचार संहिता के पालन को लेकर सख्ती दिखाई है। जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर ने बुधवार को निगरानी कर रहे अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। उनसे पूछा गया है कि क्या इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के एक वरिष्ठ नेता द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान दिया गया विवादित प्रस्ताव आचार संहिता का उल्लंघन करता है या नहीं।

मलप्पुरम, 25 मार्च (आईएएनएस)। केरल के मलप्पुरम जिले में चुनावी माहौल के बीच जिला कलेक्टर ने आदर्श आचार संहिता के पालन को लेकर सख्ती दिखाई है। जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर ने बुधवार को निगरानी कर रहे अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। उनसे पूछा गया है कि क्या इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के एक वरिष्ठ नेता द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान दिया गया विवादित प्रस्ताव आचार संहिता का उल्लंघन करता है या नहीं।

यह मामला थवनूर विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है, जहां इस बार कड़ा चुनावी मुकाबला देखने को मिल रहा है। पहले यह क्षेत्र वामपंथियों का मजबूत गढ़ माना जाता था।

इस चुनाव में वामपंथी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व मंत्री के.टी. जलील मैदान में हैं, जो चार बार विधायक रह चुके हैं। जलील को 2006 में उस समय बड़ी पहचान मिली थी, जब उन्होंने आईयूएमएल के वरिष्ठ नेता पी.के. कुन्हालीकुट्टी को हराया था। तब से वे लगातार इस क्षेत्र से चुनाव जीतते आ रहे हैं और इस बार भी जीत की कोशिश में हैं, हालांकि इस बार उन्हें कड़ी चुनौती मिल रही है।

उनके सामने कांग्रेस नेता वी.एस. जॉय चुनाव लड़ रहे हैं, जो मलप्पुरम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं और यूथ कांग्रेस से भी जुड़े रहे हैं। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को इस क्षेत्र की सातों पंचायतों में बढ़त हासिल है, जिससे जॉय की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।

इसी बीच, चुनावी माहौल में सबसे ज्यादा चर्चा आईयूएमएल नेता सी.पी. बावा हाजी के एक बयान की हो रही है। उन्होंने कहा कि जो बूथ स्तर के कार्यकर्ता वी.एस. जॉय को सबसे ज्यादा वोटों की बढ़त दिलाएंगे, उन्हें इनाम के तौर पर 15 दिनों की खाड़ी देशों की यात्रा कराई जाएगी।

इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया है और अब चुनाव अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि यह प्रस्ताव चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन है या नहीं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस अपने बढ़ते वोट शेयर का फायदा उठाने की कोशिश में है, जिससे इस चुनाव में अनिश्चितता का एक और पहलू जुड़ गया है।

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Created On :   25 March 2026 8:12 PM IST

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