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विधानसभा: चीज एनालॉग पर है सख्ती लेकिन होटल मेन्यू में नहीं लिख रहे हैं, विधायक विक्रम पाचपुते ने उठाया मुद्दा

Mumbai News. राज्य में खाने-पीने की चीजों में मिलावट और भ्रामक जानकारी पर अब सख्ती बढ़ने जा रही है। रेस्टोरेंट्स में पनीर के नाम पर ‘चीज एनालॉग’ परोसने की शिकायतों के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भाजपा विधायक विक्रम पाचपुते ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि बाजार और होटलों में ग्राहकों को पनीर की जगह चीज एनालॉग दिया जा रहा है, लेकिन इसकी जानकारी मेन्यू में नहीं होती। इससे लोग अनजाने में अलग तरह का उत्पाद खा रहे हैं। इस पर अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
क्या है नया नियम?
एफडीए ने निर्देश जारी किया है कि अगर कोई रेस्टोरेंट ‘चीज एनालॉग’ इस्तेमाल करता है, तो उसे मेन्यू कार्ड में स्पष्ट रूप से लिखना होगा। यानि अब “पनीर सैंडविच” की जगह “चीज एनालॉग सैंडविच” लिखना जरूरी होगा। विभाग का कहना है कि यह नियम 1 मई से लागू किया जाएगा। ऐसा करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य होगा। आने वाले समय में केंद्र सरकार भी इस पर कानून ला सकती है।
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उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
अगर किसी रेस्टोरेंट ने यह जानकारी छिपाई, तो एफडीए उसका लाइसेंस तक रद्द कर सकता है। साथ ही यह भी कहा गया है कि “एनालॉग” शब्द बहुत छोटा लिखकर ग्राहकों को भ्रमित नहीं किया जा सकता। विधायक पाचपुते ने दावा किया कि चीज एनालॉग में अधिक मात्रा में तेल होता है और यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। कुछ मामलों में इसमें पशु-आधारित तत्वों के इस्तेमाल की आशंका भी जताई गई।
क्या होता है चीज एनालॉग?
चीज एनालॉग असल में पारंपरिक डेयरी चीज का विकल्प होता है, जिसे वनस्पति-आधारित तत्वों जैसे सोया, नट्स या टैपिओका से बनाया जाता है। इसे असली चीज जैसा स्वाद, बनावट और मेल्टिंग देने की कोशिश की जाती है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई जगह इसे पनीर बताकर परोसा जा रहा है, जिससे ग्राहक भ्रमित हो रहे हैं और डेयरी इंडस्ट्री को भी नुकसान हो रहा है।
Created On :   25 March 2026 9:32 PM IST











