मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव हारेंगी आरपी सिंह
नई दिल्ली, 18 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद से भाजपा और टीएमसी नेताओं में अगली सरकार बनाने के दावे किए जा रहे हैं। टीएमसी ने सभी सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। सीएम ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी। टीएमसी नेताओं का दावा है कि ममता बनर्जी चुनाव जीतेंगी और अगली सरकार टीएमसी की बनेगी। भाजपा के साथ कोई मुकाबला नहीं है।
टीएमसी नेताओं के बयान पर भाजपा के वरिष्ठ नेता आरपी सिंह ने कहा कि पिछली बार ममता बनर्जी चुनाव हारी थीं, फिर उपचुनाव में जीतीं। इस बार भवानीपुर से ममता बनर्जी चुनाव हारेंगी और टीएमसी का सूपड़ा साफ हो जाएगा।
कांग्रेस से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे पर भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि प्रद्युत बोरदोलोई कांग्रेस पार्टी का हिस्सा थे, वे सांसद भी रह चुके हैं। उन्होंने अपने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया और भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस की नीतियां अब देश हित में नहीं हैं। कांग्रेस में नेताओं की बातों को सुना नहीं जाता है।
जेवर एयरपोर्ट का जिक्र करते हुए भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश और एनसीआर के लिए एक अहम मोड़ साबित होगा, ठीक वैसे ही जैसे कोई भी नया एयरपोर्ट होता है और यह पूरे उत्तर भारत के लिए कनेक्टिविटी का एक नया रास्ता बन जाएगा। जहां तक दुर्घटनाओं की बात है, इस बार कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई है, जो योगी आदित्यनाथ के कानून-व्यवस्था प्रबंधन पर उनके नियंत्रण को दर्शाता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर आरपी सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने रिटायर हो चुके लोगों को सम्मानित करते हुए कहा कि उनके योगदान को सराहा जाता है और राजनीतिक जीवन में कोई 'पूर्ण विराम' नहीं होता। व्यक्ति को काम करते रहना चाहिए और राजनीतिक जीवन में अपना योगदान जारी रखना चाहिए। खड़गे साहब को उसमें भी राजनीति सूझती है। ऐसे समय में वक्तव्य देना ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि खड़गे भूल जाते हैं कि आज उनके पास न तो नेतृत्व है और न ही कोई नीति। न कोई नेता है और न ही कोई दिशा। इसी वजह से लोग उन्हें छोड़कर भाजपा से जुड़ जाते हैं, क्योंकि यहां एक नेता भी है और स्पष्ट नीतियां व स्पष्ट दिशा भी।
भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने राज्यसभा सांसदों के रिटायर होने पर कहा कि यह एक बहुत ही भावुक पल है। हर सांसद सदन में छह साल बिताता है, जो कड़वी और मीठी, दोनों तरह की यादों से भरा होता है। प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता समेत सभी राजनेताओं ने कहा है कि कोई भी सचमुच थका हुआ या रिटायर नहीं हुआ है। सदन छोड़ने का मतलब नई जिम्मेदारियां उठाना है।
कांग्रेस से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे पर अजय आलोक ने कहा कि चाहे प्रद्युत बोरदोलोई हों या कोई और, राहुल गांधी के नेतृत्व में कोई भी कांग्रेस में नहीं रहना चाहता है।
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Created On :   18 March 2026 4:36 PM IST












