मुद्रा योजना ने बदली पूनम की किस्मत, एक दुकान से बनीं पांच दुकानों की मालकिन, रोजगार का भी कर रहीं सृजन

मुद्रा योजना ने बदली पूनम की किस्मत, एक दुकान से बनीं पांच दुकानों की मालकिन, रोजगार का भी कर रहीं सृजन
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने हिमाचल प्रदेश की पूनम शर्मा की जिंदगी को नई दिशा दी है। योजना के तहत 2.5 लाख रुपये का ऋण लेकर शुरू किया गया और उनका छोटा कारोबार आज पांच दुकानों तक पहुंच चुका है। पूनम न केवल एक सफल उद्यमी बनी हैं, बल्कि उन्होंने पांच लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।

कुल्लू, 24 अक्‍टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने हिमाचल प्रदेश की पूनम शर्मा की जिंदगी को नई दिशा दी है। योजना के तहत 2.5 लाख रुपये का ऋण लेकर शुरू किया गया और उनका छोटा कारोबार आज पांच दुकानों तक पहुंच चुका है। पूनम न केवल एक सफल उद्यमी बनी हैं, बल्कि उन्होंने पांच लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की लाभार्थी पूनम शर्मा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि मैं ऊना जिले की रहने वाली हूं। हमने मनाली में अपना व्यवसाय शुरू किया और मेरी शुरुआत प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से हुई। इससे पहले, मेरे पति किसी के साथ सब्जी मंडी में और बाद में किसी और की दुकान पर काम करते थे। कुछ समय बाद, जब मैं ऊना से उनके साथ यहां आई, तो मैंने उनसे कहा कि किसी और के लिए काम करने के बजाय अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना बेहतर होगा। मैंने एक छोटी दुकान खोलने का सुझाव दिया और हमने सबसे पहले एक सब्जी की दुकान खोली।

उन्‍होंने कहा कि लोगों की जरूरत और मांग को देखते हुए हमने दुकान में काम बढ़ाना शुरू किया। सामान ज्‍यादा होने पर दुकान छोटी पड़ने लगी। करीब दो साल के बाद बगल की दुकान खाली होने पर उसको भी ले लिया। करीब आठ साल सब्‍जी और राशन की दुकान चलाई। हमारा काम बहुत अच्‍छा चल रहा था। 2012-13 में लोन लेने का प्रयास किया लेकिन नहीं मिला। 2014-15 में मुद्रा योजना की जानकारी मिली। इसके बाद हमने बैंक से योजना के तहत ढाई लाख रुपये का लोन लिया। इसके बाद कारोबार बढ़ता गया और तीन सौ मीटर की दूरी पर दो और दुकानों को लिया।

लाभार्थी ने बताया कि बैंक लोन अदा करने के बाद फिर से रोजगार बढ़ाने के लिए 5 लाख का लोन लिया। 5 लाख लोन पूरा करने के बाद दोबारा 10 लाख रुपए का लोन लिया। इस तरह योजना के तहत लोन से कारोबार बढ़ता गया। धीरे-धीरे कारोबार बढ़ता गया और आगे चलकर ज्‍वालाजी मार्ट खोला।

उन्‍होंने बताया कि शुरुआत में साल के करीब दो से ढाई लाख रुपये की कमाई होती थी। जैसे-जैसे काम बढ़ा और केंद्र सरकार की योजना का लाभ मिला तो कमाई में इजाफा हुआ, आज के समय में 10-15 लाख रुपए कमाती हूं। मेरे पास काम करने के लिए करीब 5 लड़के हैं। एक लड़की को बिल बनाने के लिए काम पर रखा है। मैंने 5 लोगों को रोजगार दिया है। अगर मुद्रा योजना का लाभ नहीं मिलता तो शायद सब्‍जी की दुकान ही चल पाती। योजना का लाभ मिलने के बाद यही सोचा कि आगे ही बढ़ना है।

उन्‍होंने कहा कि मेरा मानना है कि अगर जीवन में आगे बढ़ना है तो सरकार की ऐसी योजनाओं का लाभ जरूर लें और बैंक लोन की मदद से आत्‍मनिर्भर बनें। मुद्रा योजना ने हमें 5 दुकानों का मालकिन बना दिया।

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