नसरापुर केस मामले में कोर्ट के फैसले को एनसीपी नेता ने ऐतिहासिक बताया

नसरापुर केस मामले में कोर्ट के फैसले को एनसीपी नेता ने ऐतिहासिक बताया
एनसीपी नेता सना मलिक ने नसरापुर रेप केस मामले में कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और इसे ऐतिहासिक बताया।

मुंबई, 29 जून (आईएएनएस)। एनसीपी नेता सना मलिक ने नसरापुर रेप केस मामले में कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और इसे ऐतिहासिक बताया।

नसरापुर में साढ़े तीन वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के दोषी को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। 65 वर्षीय भीमराव कांबले को दुष्कर्म और हत्या के मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराया है।

मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान सना मलिक ने कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि जिस तरीके से हमारी सरकार, पुलिस और फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मात्र 55 दिनों के अंदर मामले को संभाला, वह वाकई तारीफ के काबिल है। मेरा मानना है कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है। पीड़ित माता-पिता का जो नुकसान हुआ है, उसकी कोई भरपाई नहीं कर सकता, लेकिन हम उनके साथ पूरी तरह खड़े हैं और हरसंभव मदद देने के लिए हर प्रयास करेंगे।

महाराष्ट्र में टीईटी पेपर लीक होने के बाद राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर है। सना मलिक ने टीईटी पेपर लीक मामले पर कहा कि इसकी पूरी छानबीन की मांग की गई है। कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। मामले की गहन जांच चल रही है। भविष्य में इस तरह का पेपर लीक दोबारा न हो, इसके लिए प्रभावी योजना बनाई जानी चाहिए।

महाराष्ट्र के मंत्री दादा भुसे के बयान पर कि सभी शिक्षा बोर्डों के स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक मराठी अनिवार्य होगी, एनसीपी नेता सना मलिक ने कहा कि हर जगह क्षेत्रीय भाषा को अनिवार्य करने का सकारात्मक कदम उठाया जा रहा है। मुंबई में अब तक क्षेत्रीय भाषा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था, मराठी को केवल ऑप्शन के रूप में रखा जाता था। मुंबई में रहना है और काम करना है तो मराठी आनी चाहिए। मुझे लगता है कि सरकार ने सकारात्मक फैसला लिया है।

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी माध्यमों और सभी शिक्षा बोर्डों से संबद्ध स्कूलों में कक्षा पहली से 10वीं तक मराठी भाषा का शिक्षण अनिवार्य करने का फैसला किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा और उल्लंघन करने वाले स्कूलों तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने विधानसभा में बताया कि सरकार पूरे प्रदेश में विशेष जांच अभियान चलाएगी। इस अभियान के तहत सभी स्कूलों की जांच की जाएगी। यदि किसी स्कूल में मराठी भाषा का शिक्षण अनिवार्य रूप से नहीं कराया जा रहा है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Created On :   29 Jun 2026 11:14 PM IST

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