नियम बनाने से लेकर कार्रवाई करने तक, वैश्विक शासन को अधिक व्यावहारिक समाधानों की आवश्यकता है सीजीटीएन सर्वे

नियम बनाने से लेकर कार्रवाई करने तक, वैश्विक शासन को अधिक व्यावहारिक समाधानों की आवश्यकता है सीजीटीएन सर्वे
बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के मद्देनजर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सबसे ज्यादा जरूरत टकराव बढ़ाने की नहीं, बल्कि विश्वास का पुनर्निर्माण करने और सहयोग को बहाल करने की है, ताकि वैश्विक शासन वास्तव में हमारे समय के सवालों का जवाब दे सके।

बीजिंग, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के मद्देनजर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सबसे ज्यादा जरूरत टकराव बढ़ाने की नहीं, बल्कि विश्वास का पुनर्निर्माण करने और सहयोग को बहाल करने की है, ताकि वैश्विक शासन वास्तव में हमारे समय के सवालों का जवाब दे सके।

2026 वैश्विक शासन मंच (श्योंगआन), "विश्वास और सहयोग का पुनर्निर्माण: बदलते विश्व में वैश्विक शासन का सुधार और उसे बेहतर बनाना" विषय के तहत, विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों को वैश्विक शासन के सुधार और उसे बेहतर बनाने के लिए विचारों को विकसित करने हेतु एक साथ लाया। यह एक स्पष्ट संदेश देता है: मतभेदों के बावजूद साझा आधार खोजें और साझा समस्याओं के व्यावहारिक समाधान निकालें। यह अधिक व्यावहारिक वैश्विक शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार और उसे बेहतर बनाने के लिए सबसे पहला सवाल यह है कि नियम कौन बनाता है और उन्हें व्यापक मान्यता कैसे मिल सकती है। आकार, शक्ति, या धन की परवाह किए बिना, सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय मामलों में समान रूप से भाग लेना चाहिए और वैश्विक शासन प्रणाली को विश्व के विकास परिदृश्य में होने वाले परिवर्तनों के अनुरूप ढलना चाहिए।

सितंबर 2025 में, चीन ने वैश्विक शासन पहल (जीजीआई) का प्रस्ताव रखा, जिसमें संप्रभु समानता, अंतरराष्ट्रीय कानून का शासन, बहुपक्षवाद, जन-केंद्रित दृष्टिकोण और कार्रवाई-उन्मुख सहयोग पर जोर दिया गया। एक सीजीटीएन सर्वेक्षण से पता चलता है कि इन मुख्य अवधारणाओं को वैश्विक स्तर पर व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है, जिसमें 60 प्रतिशत से अधिक लोगों का मानना है कि जीजीआई देशों को वैश्विक शासन में भाग लेने का मार्ग दिखाता है।

यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय मतभेदों का सम्मान करते हुए व्यापकतम सहमति बनाने की आशा रखता है, ताकि वैश्विक शासन प्रणाली को व्यापक समर्थन मिल सके और इसे अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

सीजीटीएन सर्वेक्षण से पता चलता है कि वैश्विक स्तर पर उत्तरदाता आम तौर पर वैश्विक दक्षिण देशों के विकास में चीन की भूमिका को स्वीकार करते हैं, विशेष रूप से बुनियादी ढांचे के निर्माण और विकास के अनुभवों को साझा करने जैसे क्षेत्रों में उच्च स्वीकृति मिली है।

यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय न केवल वैश्विक शासन व्यवस्था के संचालन पर ध्यान देता है, बल्कि इस बात पर भी कि क्या यह विकास के अवसर प्रदान कर सकती है और आम लोगों को लाभ पहुंचा सकती है।

विकासशील देशों को स्वतंत्र विकास की क्षमता बढ़ाने में सहायता करना साझा विकास को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण तरीका होने के साथ-साथ वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार का एक अनिवार्य हिस्सा भी है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :  

Tags

Next Story